कांग्रेस विधायक भाई जगताप ने महाराष्ट्र के हालिया एमएलसी चुनाव परिणामों को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चाहे वोट चोरी हो, पैसे का घमंड हो या खरीद-फरोख्त की जाए, इसके बावजूद जनता महाविकास अघाड़ी के साथ है। कांग्रेस विधायक जगताप ने चुनौती दी कि अगर बैलेट पेपर पर कांग्रेस जीती है तो आगे के सभी चुनाव भी बैलेट से कराकर लोकप्रियता साबित करें।
कांग्रेस विधायक भाई जगताप ने कहा, “ये चाहे कितने भी वोट चोरी करें, चाहे कितने भी पैसे के घमंड का प्रदर्शन करें, वोटों की खरीद-फरोख्त करें, लेकिन महाराष्ट्र की जनता महाविकास अघाड़ी के साथ है और इसका परिणाम आपके सामने है।
नागपुर, जो इनका गढ़ रहा है, वहां कांग्रेस जीती है। यह आरएसएस का भी गढ़ रहा है और हमारे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी का भी गढ़ रहा है। जब आप अपना घर नहीं संभाल सकते, तो यह एक स्पष्ट संदेश है।”
उन्होंने कहा कि यह सत्ता का जो नशा है, उसे महाराष्ट्र की जनता भी उतारेगी और देश की जनता भी उतारेगी। महाराष्ट्र को समझने में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों ने पूरी तरह से गलती की। यह जो उतावलापन है, यह सत्ता का नशा बोल रहा है। जो वास्तव में राजनेता होता है, वह इस तरह की जल्दबाजी नहीं करता।
मेरा सवाल है कि देश के बच्चे वहां बैठे थे, आपके घर के पास किसान बैठे थे और 630 किसानों ने शहादत दी। मैंने कभी देश के प्रधानमंत्री को उस विषय पर पोस्ट करते नहीं देखा।
भाई जगताप ने कहा कि प्रधानमंत्री पोस्ट क्या करेंगे? आपकी अपनी लोकसभा सीट वाराणसी में भी आप पीछे रहे। यह जनता का जवाब है। मैं बताना चाहता हूं कि चाहे ये ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव हों, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव हों या किसी अन्य प्रकार के चुनाव, आपको यह याद रखना चाहिए कि यदि देवेंद्र फडणवीस और देश के प्रधानमंत्री यह कह रहे हैं कि बैलेट पेपर पर चुनाव हुआ और कांग्रेस का यह परिणाम आया, तो फिर आगे के सारे चुनाव भी बैलेट पेपर पर करवा लीजिए।
उन्होंने कहा कि यदि आप खुद को बहुत लोकप्रिय समझते हैं, तो केवल यह कहकर मत रुकिए कि ये चुनाव बैलेट पेपर पर हुए। आगे के सभी चुनाव बैलेट पेपर पर करवाइए और जनता के दरबार में अपनी लोकप्रियता साबित कीजिए। यह मेरा आपसे आग्रह भी है और चुनौती भी।
मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर उन्होंने कहा कि बिल्कुल, उन्होंने सही कहा। अब इससे किसको क्या लगता है, यह उनकी बात है। लेकिन यह सच्चाई है कि आपकी दहशत, आपका पैसा और पैसों का प्रभाव बहुत कुछ बोल रहा है।
देश की गरीब जनता कांग्रेस को चाहेगी, इंडिया गठबंधन को चाहेगी, यह साबित हो चुका है। हमारे नेता मल्लिकार्जुन खड़गे 86 वर्ष के हैं। अगर मेरे जैसा कोई व्यक्ति यह बात कहता तो अलग बात होती। देश के प्रधानमंत्री ने भी कई बार विवादित टिप्पणियां की हैं।
एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यहां कुछ समय के लिए आपकी गुंडागर्दी, आपकी दहशत, सत्ता का प्रभाव और पैसों की ताकत चल सकती है, लेकिन हमेशा नहीं। लोग अब सब समझ चुके हैं। हमारे विद्यार्थी थक चुके हैं। परीक्षा के पेपर लीक हो रहे हैं और सरकार को इसकी कोई परवाह नहीं है।
