उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार (9 फरवरी) को जानकारी दी कि राज्य विधानसभा का बजट सत्र संसदीय परंपराओं के अनुरूप राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से शुरू होगा। इसके बाद उसी दिन सदन में उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया जाएगा।
बजट सत्र की शुरुआत से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सत्र के दो प्रमुख एजेंडे हैं राज्यपाल का अभिभाषण और सामान्य बजट की प्रस्तुति। उन्होंने कहा, “राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना का दस्तावेज होता है, जिसे राज्यपाल के माध्यम से सदन और सदन के माध्यम से प्रदेश की जनता के सामने प्रस्तुत किया जाता है। इसके बाद सभी माननीय सदस्य उस पर चर्चा करते हैं।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण सदन के पटल पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का सामान्य बजट 11 फरवरी को प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद उस पर विस्तृत चर्चा होगी। उन्होंने जानकारी दी कि बजट सत्र 9 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा। योगी आदित्यनाथ ने कहा, “यह पहली बार है कि कोई राज्य सरकार अपने आर्थिक उपलब्धियों को रेखांकित करने वाला एक समग्र आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत कर रही है।” उन्होंने बताया कि यह सर्वेक्षण राज्य की आर्थिक प्रगति, नीतिगत सुधारों और वित्तीय अनुशासन को सामने लाने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होगा।
राज्य की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने अपनी पुरानी ‘बीमारू’ छवि से बाहर निकलकर भारत की आर्थिक प्रगति में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में पहचान बनाई है। बीमारू शब्द 1980 के दशक में बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों की कमजोर आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्थिति को दर्शाने के लिए गढ़ा गया था।
उन्होंने कहा, “आर्थिक सर्वेक्षण में प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि, वित्तीय प्रबंधन में सुधार और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पिछले पांच वर्षों से उत्तर प्रदेश का लगातार राजस्व अधिशेष राज्य बने रहना प्रमुख रूप से सामने आएगा।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह दस्तावेज राज्यपाल के अभिभाषण और बजट दोनों पर होने वाली चर्चाओं के दौरान विधायकों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा।
उत्तर प्रदेश विधान मंडल के बजट सत्र (वित्तीय वर्ष 2026-2027) से पूर्व पत्रकार बंधुओं से वार्ता… https://t.co/AhgtQuE4hu
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 9, 2026
विधानसभा को लोकतंत्र का अहम स्तंभ बताते हुए मुख्यमंत्री ने संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र संवाद से चलता है, अवरोध से नहीं। अवरोध केवल उन्हीं मुद्दों को कमजोर करता है जिन्हें सदस्य उठाना चाहते हैं।” उन्होंने दोहराया कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “सरकार संवाद के माध्यम से समस्याओं के समाधान में विश्वास करती है और राज्यहित में सभी माननीय सदस्यों के मूल्यवान सुझावों पर विचार के लिए तैयार है।” साथ ही उन्होंने सदन में अनावश्यक नारेबाजी से बचने और संयम बरतने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की विधायी कार्यवाही में नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं और उन्हें विश्वास है कि मौजूदा बजट सत्र लोकतांत्रिक परंपराओं को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा, “यह हमारी सरकार का दसवां बजट सत्र है और अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें न केवल सरकार के अहम कार्य होंगे, बल्कि विधायकों को जनहित के मुद्दे उठाने का भी अवसर मिलेगा।”
सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह सत्र उत्तर प्रदेश के विकास की गति को और तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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