अखिलेश यादव ने कहा कि सनातन धर्म ने उन्हें वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया है, जिसके अनुसार पूरा विश्व एक परिवार है और सच्चा सनातनी सद्भाव में विश्वास करता है। उन्होंने कहा कि एक सच्चा हिंदू कभी दूसरे का अपमान नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी समाज में सौहार्द बनाए रखना है, लेकिन भाजपा इस तरह के मामलों को सांप्रदायिक रंग देने का काम कर रही है।
सपा प्रमुख ने सहारनपुर मामले को अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चंदे और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और श्रद्धालुओं के पैसे की कथित चोरी के मामले में जांच और एसआईटी की कार्रवाई के बाद भाजपा इस मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देकर जनता का ध्यान भटकाना चाहती है। उन्होंने कहा कि जनता अब समझ चुकी है कि इस तरह के मुद्दों के पीछे क्या राजनीति हो रही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को यह बताना चाहिए कि यदि किसी मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ सकती थी तो जल्दबाजी में ऐसी कार्रवाई क्यों की गई। उन्होंने पत्रकारों से भी अपील की कि किसी भी मामले को राजनीतिक दबाव या चमक-दमक के प्रभाव में तोड़-मरोड़कर पेश नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चा सनातनी वही है जो सद्भाव और भाईचारे में विश्वास करता है।
शिक्षक दिवस के मौके पर प्रतापगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और देश के भविष्य को दिशा देते हैं, लेकिन मौजूदा सरकार सरकारी विद्यालयों को बंद कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मर्जर के नाम पर बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों को बंद करना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर मर्जर के नाम पर बंद किए गए करीब 26 हजार सरकारी स्कूलों को दोबारा खोला जाएगा।
उन्होंने सरकार पर शिक्षा को लेकर प्रतिबंधात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज अभिभावक सरकारी स्कूल में जाकर अपने बच्चे की पढ़ाई और प्रगति के बारे में जानकारी लेने में भी असहज महसूस करते हैं।
