कसाब को फांसी तक पहुंचाने वाले उज्ज्वल निकम समेत चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को दी गई राज्यसभा सीट!

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर चारों मनोनीत सदस्यों को शुभकामनाएं दीं और उनके योगदान की सराहना

कसाब को फांसी तक पहुंचाने वाले उज्ज्वल निकम समेत चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को दी गई राज्यसभा सीट!

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए देश के चार विशिष्ट नागरिकों को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। इन चारों में वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम, सामाजिक कार्यकर्ता सी. सदानंदन मास्टर, पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, इतिहासकार और शिक्षाविद् मीनाक्षी जैन शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (12 जुलाई) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर चारों मनोनीत सदस्यों को शुभकामनाएं दीं और उनके योगदान की सराहना करते हुए लिखा कि ये सभी संसद के उच्च सदन को विचार और अनुभव की दृष्टि से समृद्ध करेंगे।

उज्ज्वल निकम, जिन्हें 26/11 मुंबई हमले के आतंकी अजमल कसाब का अभियोजन करने वाले प्रमुख वकील के रूप में जाना जाता है, ने 1993 के मुंबई बम धमाके, मरीन ड्राइव रेप केस सहित दर्जनों हाई-प्रोफ़ाइल मामलों में जनता की ओर से पैरवी की है। PM मोदी ने कहा, “उज्ज्वल निकम न केवल एक सफल वकील रहे हैं, बल्कि उन्होंने महत्वपूर्ण मामलों में न्याय दिलाने में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने संवैधानिक मूल्यों को मजबूत किया और आम नागरिकों को गरिमा के साथ न्याय दिलाया है। उनके संसदीय कार्यकाल के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।”

सी. सदानंदन मास्टर, केरल के एक प्रख्यात शिक्षक-समाजसेवी, ने दशकों से बच्चों के सशक्तिकरण, आदिवासी और पिछड़े तबकों के अधिकारों के लिए काम किया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल और स्वास्थ्य शिविर स्थापित करने के उनके प्रयासों ने अनेकों जीवन संवारने में मदद की। PM मोदी ने उनकी “अत्यन्त संयमी परन्तु दृढ़ संकल्प” की भावना की प्रशंसा करते हुए कहा, “हिंसा और भय का माहौल भी उनके राष्ट्र निर्माण के संकल्प को डिगा नहीं सका। उन्होंने शिक्षा और सामाजिक न्याय के लिए निरंतर कार्य किया है।”

हर्षवर्धन श्रृंगला ने भारतीय विदेश सेवा में ऊँचे पदों पर रहते हुए भारत के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि, अमेरिका और संयुक्त किंगडम में उच्चायुक्त और विदेश सचिव (2019–2022) का दायित्व निभाया। उनकी देखरेख में भारत ने जी20 अध्यक्षता सफलतापूर्वक आयोजित की और कूटनीतिक मोर्चों पर नई मित्रताओं की नींव रखी। PM मोदी ने लिखा, “श्रृंगला ने एक राजनयिक, बुद्धिजीवी और रणनीतिक विचारक के रूप में भारत की विदेश नीति को सुदृढ़ किया। उनका दृष्टिकोण संसद की बहसों को समृद्ध करेगा।”

इतिहासकार एवं शिक्षाविद् मीनाक्षी जैन ने दिल्ली विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में इतिहास पढ़ाया, और “हिंदू राष्ट्रवाद”, “संस्कृति और इतिहास” जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण शोध किया। उनके दस से अधिक पुस्तकें और सैकड़ों शोध पत्र भारतीय इतिहास के पुनर्लेखन में मील का पत्थर साबित हुए हैं। PM मोदी ने कहा, “मीनाक्षी जैन ने अकादमिक विमर्श को नई दिशा दी है। उनके संसदीय कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं।”

इन चारों हस्तियों का मनोनयन—विधि, कूटनीति, समाज सेवा और शैक्षणिक क्षेत्र के अनुभवों का संगम—राज्यसभा को बहुआयामी विशेषज्ञता और दृढ़ सेवा भाव से लैस करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने भी आशा व्यक्त की है कि ये सदस्य “विचार, अनुभव और राष्ट्रहित” के मुद्दों को संसद में मजबूत आवाज़ देंगे।

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