केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने पर्यटन को रोज़गार सृजन और आर्थिक विकास की रणनीति के केंद्र में रखा है। बजट में पर्यटन को न केवल नौकरियों का बड़ा स्रोत बताया गया है, बल्कि विदेशी मुद्रा आय बढ़ाने और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को मज़बूती देने वाला क्षेत्र भी माना गया है। इसके लिए संस्थागत निर्माण, कौशल विकास, डिजिटल दस्तावेज़ीकरण और इको-टूरिज़्म से जुड़े कई अहम कदमों की घोषणा की गई है।
बजट भाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “पर्यटन क्षेत्र में रोज़गार सृजन, विदेशी मुद्रा आय और स्थानीय अर्थव्यवस्था के विस्तार में बड़ी भूमिका निभाने की क्षमता है। पर्यटन से जुड़े विभिन्न उपक्षेत्रों में निवेश और सुधारों से खासतौर पर युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर अवसर पैदा होंगे।”
हॉस्पिटैलिटी के लिए राष्ट्रीय संस्थान:
पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की गुणवत्ता और प्रशिक्षण मानकों को बेहतर बनाने के लिए सरकार नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना करेगी। इसके लिए नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी को अपग्रेड किया जाएगा। यह संस्थान अकादमिक जगत, उद्योग और सरकार के साथ मिलकर काम करेगा, ताकि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए बेहतर प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार किए जा सकें।
ग्रासरूट स्तर पर स्किलिंग पर फोकस:
बजट में पर्यटन से जुड़े जमीनी स्तर के कौशल विकास को भी प्राथमिकता दी गई है। वित्त मंत्री ने कहा, “मैं IIM के सहयोग से हाइब्रिड मोड में 12 सप्ताह के मानकीकृत, उच्च-गुणवत्ता प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के ज़रिये 20 प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स के अपस्किलिंग के लिए एक पायलट योजना का प्रस्ताव करती हूं।” सरकार का मानना है कि प्रशिक्षित गाइड्स से पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा और स्थानीय युवाओं को स्थायी रोज़गार मिलेगा।
डिजिटल आधार तैयार करने की योजना:
पर्यटन के लिए एक मजबूत डिजिटल ढांचा तैयार करने के उद्देश्य से नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्थापित किया जाएगा। बजट में कहा गया है, “सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत से जुड़े सभी महत्वपूर्ण स्थलों का डिजिटल दस्तावेज़ीकरण करने के लिए एक राष्ट्रीय डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्थापित की जाएगी।” इससे स्थानीय शोधकर्ताओं, इतिहासकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के लिए नए रोज़गार के अवसर खुलने की उम्मीद है।
इको-टूरिज़्म और नेचर-बेस्ड ट्रैवल को बढ़ावा:
बजट 2026 में इको-टूरिज़्म पर भी खास ज़ोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा, “भारत में विश्वस्तरीय ट्रेकिंग और हाइकिंग अनुभव देने की क्षमता और अवसर हैं।” इसके तहत हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में टिकाऊ पर्वतीय ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा पूर्वी घाट में अराकू वैली और पश्चिमी घाट में पुडिगई मलै क्षेत्र को भी शामिल किया गया है।
वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष ट्रेल्स बनाने की भी घोषणा की गई है। इनमें ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुओं के नेस्टिंग स्थलों के साथ टर्टल ट्रेल्स, और पुलिकट झील के आसपास बर्ड-वॉचिंग ट्रेल्स शामिल हैं।
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