ऐसे में वहीं रामपुर जिला प्रशासन ने 31 मार्च तक निर्धारित लक्ष्य से पहले किसानों की 100 प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य पूरा कर लिया है। इसी के रामपुर जिला प्रशासन ने 31 मार्च तक निर्धारित लक्ष्य को पूरा करते हुए पूरे प्रदेश में शत प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने में पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि दूसरे स्थान पर गाजियाबाद और तीसरे स्थान पर अंबेडकरनगर हैं।
बता दें कि उत्तर प्रदेश में 2,88,70,495 किसानों की फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष अब तक 1,99,42,798 फार्मर रजिस्ट्री बनायी जा चुकी है। रामपुर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप जिले शत प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने के लिए 1 जनवरी से विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसके साथ ही वॉल पेंटिंग एवं प्रचार वाहन के जरिये प्रचार प्रसार किया गया। साथ ही राजस्व, कृषि, पंचायती राज, ग्राम्य विकास एवं गन्ना विभाग के कर्मचारियों को अन्नदाताओं के घर-घर जाकर फार्मर आईडी बनाने के निर्देश दिए गए।
डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि रामपुर को 31 मार्च तक फार्मर रजिस्ट्री का कुल लक्ष्य 2,09,828 निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष 17 मार्च तक शत प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया। उन्होंने बताया कि रामपुर ने लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत 2,09,828 फार्मर आईडी बनायी जा चुकी है।
इसके अलावा गाजियाबाद ने निर्धारित लक्ष्य 38,909 के सापेक्ष अब तक 36,598 फार्मर आईडी बनाकर पूरे प्रदेश में दूसरा तथा अंबेडकरनगर ने 31 मार्च तक निर्धारित लक्ष्य 3,42,847 के सापेक्ष 3,10,145 फार्मर आईडी बनाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं टॉप टेन में औरैया, बाराबंकी, फर्रुखाबाद, हरदोई, कन्नौज, मीरजापुर और बिजनौर ने अपनी जगह बनाई है।
यह हैं फार्मर रजिस्ट्री के लाभ – किसान सम्मान निधि योजना का बिना की बाधा के लाभ प्राप्त होगा। उर्वरक कृषकों को सुविधाजनक एवं निर्धारित मूल्य पर प्राप्त होगा। किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने में अभिलेखों के सत्यापन की बाध्यता समाप्त होगी।
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