ईरान के केशम आइलैंड पर US का हमला

एक तरफ समझौता वहीं दूसरी तरफ मिलिट्री हमला

ईरान के केशम आइलैंड पर US का हमला

ईरान के साथ जंग खत्म करने के लिए बातचीत के संकेत तो हैं, लेकिन ऐसी खबरें आ रही हैं कि US ने ईरान के अहम केशम आइलैंड पर मिलिट्री हमला किया है। पिछले कुछ हफ्तों से, US ईरान पर लिमिटेड मिलिट्री हमले कर रहा है, जिनमें से कुछ को सीक्रेट रखा गया है। खास बात यह है कि एक तरफ US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जल्द ही समझौते की संभावना जताई है, वहीं दूसरी तरफ US मिलिट्री ऑपरेशन जारी दिख रहे हैं।

इस बीच, ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि तेल की कीमत करीब $10 प्रति बैरल गिर गई है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान जल्द से जल्द समझौता चाहता है और दोनों देशों के बीच समझौते की संभावना है। जब उनसे पूछा गया कि क्या ट्रंप मंगलवार को US मिडटर्म चुनावों के बाद ईरान पर फिर से हमला करने की योजना बना रहे हैं, तो उन्होंने जवाब दिया ‘नहीं’।

केशम ईरान के दक्षिणी तट पर होर्मुज स्ट्रेट में एक स्ट्रेटेजिक रूप से अहम आइलैंड है। यह स्ट्रेट ग्लोबल ऑयल ट्रांसपोर्ट के लिए बहुत ज़रूरी माना जाता है। इसलिए, US इस इलाके में ईरान की मिलिट्री एक्टिविटीज़ पर नज़र रख रहा है।

इस बीच, ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में एक US MQM-170 ड्रोन को पकड़ा है। ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, ईरान की इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर यूनिट ने ड्रोन की पहचान की और उसके गाइडेंस और कंट्रोल सिस्टम को अपने कंट्रोल में ले लिया। ईरान ने कहा है कि इसके बाद ड्रोन को बिना खत्म किए सुरक्षित रूप से नीचे गिरा दिया गया। यह भी दावा किया गया है कि ड्रोन को फारस की खाड़ी के तट और केशम आइलैंड पर ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए तैनात किया गया था।

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