इस सीट से चुनाव जीतने वाले भाजपा उम्मीदवार कल्याण चक्रवर्ती को 97,752 वोट मिले। वहीं, उनके प्रतिद्वंदी टीएमसी के देवदीप पुरोहित को 73,266 वोट और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के देबज्योति दास (सुभो) को 19,818 वोट मिले।
कोलकाता मेट्रोपॉलिटन एरिया का हिस्सा खड़दह एक जनरल कैटेगरी की विधानसभा सीट है। यह सीट दमदम लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इसमें पूरी खड़दह म्युनिसिपैलिटी, पानीहाटी म्युनिसिपैलिटी के कुछ वार्ड और बैरकपुर 2 ब्लॉक की ग्राम पंचायतें शामिल हैं, जिससे यह ज्यादातर शहरी क्षेत्र बनता है।
2011 का चुनाव इस सीट के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ, जब तृणमूल कांग्रेस के अमित मित्रा ने वामपंथ के दिग्गज असीम दासगुप्ता को हराकर बड़ी जीत दर्ज की। इसके बाद 2016 में भी उन्होंने अपनी सीट बरकरार रखी। 2021 में चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हुआ, जब तृणमूल कांग्रेस ने काजल सिन्हा को उम्मीदवार बनाया।
यह प्रमुख रूप से शहरी सीट है, जहां करीब 89 प्रतिशत मतदाता शहरों में रहते हैं। हालांकि, वोटिंग प्रतिशत में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की गई है, जो शहरी इलाकों की बदलती चुनावी प्रवृत्ति को दर्शाता है। इसके बावजूद, यहां का मतदान प्रतिशत राज्य के कई अन्य शहरी क्षेत्रों की तुलना में बेहतर है।
भौगोलिक और आर्थिक दृष्टि से भी खड़दह की अपनी अलग पहचान है। हुगली नदी के पूर्वी किनारे बसा यह इलाका कभी जूट मिलों और भारी उद्योगों का प्रमुख केंद्र था। खड़दह जूट मिल जैसी बड़ी इकाइयों ने यहां की अर्थव्यवस्था को आकार दिया, हालांकि समय के साथ उद्योगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। अब यहां की अर्थव्यवस्था औद्योगिक अवशेषों, सर्विस सेक्टर और कोलकाता से जुड़ी नौकरियों के मिश्रण पर आधारित है।
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