इस्राइल की राजनीति में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकॉट बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। सैन्य अनुभव, सरकार की जवाबदेही और गाजा युद्ध की रणनीति को लेकर उनके सवालों ने उन्हें विपक्ष के प्रमुख चेहरों में शामिल कर दिया है। उनकी याशर पार्टी का एजेंडा और बढ़ती राजनीतिक सक्रियता उन्हें प्रधानमंत्री पद का संभावित दावेदार बना रही है।
गादी आइजेनकॉट का जन्म मोरक्को से इस्राइल आए मिजराही यहूदी माता-पिता के परिवार में हुआ। उनका पालन-पोषण तिबेरियास और इलात में हुआ। हाईस्कूल के बाद सेना में भर्ती हुए आइजेनकॉट ने लगभग चार दशक तक सैन्य सेवा की। उन्होंने तेल अवीव विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातक और हाइफा विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में परास्नातक की पढ़ाई भी की।
1978 में गोलानी ब्रिगेड के सामान्य सैनिक के रूप में करियर शुरू करने वाले आइजेनकॉट 2015 से 2019 तक इस्राइल रक्षा बलों (आईडीएफ) के प्रमुख रहे। 2006 के लेबनान युद्ध के दौरान उत्तरी कमान का नेतृत्व करते हुए वे अपनी सैन्य रणनीतियों के कारण चर्चा में आए।
दिसंबर 2023 में गाजा में सैन्य अभियान के दौरान उनके बेटे गाल मीर आइजेनकॉट की मौत हो गई। युद्ध में उनके दो भतीजे भी मारे गए। इस व्यक्तिगत त्रासदी के बीच उन्होंने सरकार की युद्ध रणनीति और जवाबदेही पर सवाल उठाए।
2022 में राजनीति में प्रवेश करने के बाद वे बेनी गैंट्ज के साथ नेशनल यूनिटी गठबंधन से जुड़े। हमास के 7 अक्टूबर 2023 के हमलों के बाद नेतन्याहू की आपातकालीन युद्ध कैबिनेट में शामिल हुए, लेकिन युद्ध के बाद की स्पष्ट योजना नहीं होने और सरकार की नीतियों से मतभेद के कारण जून 2024 में इससे अलग हो गए।
आइजेनकॉट 7 अक्टूबर के सुरक्षा संकट की स्वतंत्र जांच, सैन्य सुधार और सरकार की जवाबदेही की मांग करते हैं। वे अति-रूढ़िवादी यहूदियों को अनिवार्य सैन्य सेवा से मिलने वाली छूट समाप्त करने के भी समर्थक हैं। इसके अलावा, वे पश्चिमी देशों और क्षेत्रीय अरब देशों के साथ इस्राइल के संबंध मजबूत करने पर जोर देते हैं।
हालांकि, फलस्तीन के मुद्दे और सैन्य शक्ति के इस्तेमाल पर उनका रुख भी सख्त है। चुनाव में उनकी वास्तविक संभावनाएं गठबंधन समीकरणों, मतदाताओं के रुझान और चुनावी नतीजों पर निर्भर करेंगी। इसलिए उन्हें नेतन्याहू का गंभीर प्रतिद्वंद्वी माना जा सकता है, लेकिन अगले प्रधानमंत्री के रूप में उनकी जीत अभी सुनिश्चित नहीं है।
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