एसआईआर पर विपक्ष को केवल हारने पर ही आपत्ति क्यों होती है: भूपेंद्र यादव!

भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च के दौरान पोलो ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए भूपेंद्र यादव ने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी रही है। 

एसआईआर पर विपक्ष को केवल हारने पर ही आपत्ति क्यों होती है: भूपेंद्र यादव!

Why-does-the-opposition-only-object-when-it-loses-asks-Bhupender-Yadav

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को बिहार के दरभंगा में विपक्षी गठबंधन पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव हारने पर ही मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर सवाल उठाता है, जबकि जीतने वाली सीटों पर चुप्पी साध लेता है। उन्होंने कहा कि देश के लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदाता सूची का सही होना जरूरी है।

भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च के दौरान पोलो ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए भूपेंद्र यादव ने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी रही है। वैशाली का गणतंत्र दुनिया के लिए एक बड़ा उदाहरण है। लोकतंत्र जनता के मुद्दों को उठाने और उसका सही प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का माध्यम है।

उन्होंने कहा कि एसआईआर देश में पहली बार नहीं हो रहा है। वर्ष 1950 से अब तक आठ बार यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और वर्तमान में नौवीं बार पुनरीक्षण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मृत व्यक्तियों के नाम हटाना और एक से अधिक जगहों पर दर्ज नामों को ठीक करना है।

उन्होंने कहा कि मतदाता बनने के लिए 18 वर्ष की आयु और भारत का नागरिक होना आवश्यक है। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि एसआईआर का विरोध करने वाले लोग घुसपैठियों के पक्ष में खड़े हैं। उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण के दौरान किसी का नाम मनमाने तरीके से नहीं काटा जा सकता। राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) भी इस प्रक्रिया में शामिल होते हैं।

उन्होंने दावा किया कि बिहार में राजद के 35 हजार और कांग्रेस के 17 हजार बीएलए थे, जबकि अन्य दलों के भी प्रतिनिधि मौजूद थे। इसके बावजूद आपत्तियों की संख्या केवल दो रही। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े उच्चतम न्यायालय में दाखिल हलफनामे में दर्ज हैं।

भूपेंद्र यादव ने कहा कि एसआईआर को लेकर विपक्ष उच्चतम न्यायालय भी गया था, जहां जांच के बाद इसे निरंतर चलने वाली प्रक्रिया बताया गया। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए भी दस्तावेज देने पड़ते हैं।

सरकार ने प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया है, ताकि गरीबों को परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि एसआईआर के बाद बिहार और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में चुनाव हुए हैं। केरल में कांग्रेस की सरकार बनी और तमिलनाडु में भी चुनाव हुए। ऐसे में विपक्ष को बताना चाहिए कि वह अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग रुख क्यों अपनाता है।

केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर आपातकाल लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एनडीए के नेताओं ने लोकतंत्र बचाने के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ने का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर लोकतंत्र के नाम पर झूठा हमला करने और सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने का आरोप लगाया।

यादव ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने, देश की अखंडता बनाए रखने और घुसपैठियों को दूर करने के लिए भाजपा सड़क पर उतरी है। पदयात्रा लहरियासराय टावर, लोहिया चौक, बकरगंज और जीएन गंज जैसे प्रमुख क्षेत्रों से गुजरा। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

यह भी पढ़ें-
चुनाव आयोग ने जारी किया एसएसआर शेड्यूल, 21 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी!
अग्निवीर योजना पर सरकार ने मानी गलती, राहुल की बातें सही: पायलट!
Exit mobile version