माघी गणेश जयंती: गणेश जी के जन्म का पवित्र दिन!

गणपति बप्पा मोरया! मंगलमूर्ति मोरया!

माघी गणेश जयंती: गणेश जी के जन्म का पवित्र दिन!

Maghi Ganesh Jayanti: The auspicious day of Lord Ganesha's birth!

माघ महीने की शुक्ल चतुर्थी को मनाई जाने वाली माघी गणेश जयंती को भगवान गणेश के जन्म का पवित्र दिन माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, माना जाता है कि इसी दिन गणपति का जन्म हुआ था। महाराष्ट्र में, खासकर पुणे, मुंबई, नासिक, कोल्हापुर वगैरह में माघी गणेश जयंती बहुत श्रद्धा से मनाई जाती है। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखी जाती है। कई जगहों पर अभिषेक, आरती, भजन-कीर्तन और प्रवचन होते हैं।

माघी गणेश जयंती के दिन भक्त व्रत रखते हैं। गणेश पूजा, दूर्वा अर्पण, मोदक और नैवेद्य, आरती और मंत्रों के जाप से भक्त गणेश जी का आशीर्वाद पाने, रुकावटें दूर करने और सुख-समृद्धि पाने की प्रार्थना करते हैं। माघी गणेश जयंती पर 21 मोदक का नैवेद्य चढ़ाने की परंपरा है। मोदक भगवान गणेश का पसंदीदा खाना माना जाता है। हर घर में गुड़, नारियल और उकड़ी से बने मोदक खास तौर पर बनाए जाते हैं। इस दिन महिलाएं खास व्रत रखती हैं। परिवार और बच्चों की सुख, शांति, सेहत और कामयाबी के लिए भगवान गणेश को सैकड़े चढ़ाए जाते हैं। कई जगहों पर महिलाएं मिलकर भजन-कीर्तन भी करती हैं।

माघी गणेश जयंती के मौके पर मंदिर परिसर, सड़कों और घरों में भक्ति का माहौल बन जाता है। इलाका “गणपति बप्पा मोरिया” के नारों से भर जाता है। माघी गणेश जयंती सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि आस्था, सब्र और भक्ति का जश्न है। भक्तों का मानना ​​है कि इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

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