मनसा देवी मंदिर में भगदड़ पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने जताया शोक

मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए तथा घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता

मनसा देवी मंदिर में भगदड़ पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने जताया शोक

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उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में रविवार (27 जुलाई)को दर्शन के दौरान भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य घायल हो गए हैं। हादसा मंदिर के मुख्य मार्ग पर उस समय हुआ जब श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक अनियंत्रित हो गई और अफरा-तफरी मच गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस, प्रशासन और मेडिकल टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर मार्ग पर हुई भगदड़ में हुई जान-माल की हानि से अत्यंत दुखी हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना। ईश्वर करे कि घायल शीघ्र स्वस्थ हों। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है।”

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस दुर्घटना पर शोक जताते हुए लिखा, “हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर के मार्ग में भगदड़ की दुर्घटना में अनेक श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार बहुत पीड़ादायक है। मैं सभी शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। मैं प्रार्थना करती हूं कि घायल हुए सभी श्रद्धालु शीघ्र स्वस्थ हों।”

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर शोक जताते हुए कहा, “हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर मार्ग पर हुए हृदय विदारक हादसे में 6 लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए तथा घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देगी। इसके साथ ही, घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए हैं।

हरिद्वार के एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने पुष्टि की कि इस भगदड़ में अब तक छह लोगों की जान जा चुकी है और 25 अन्य घायल हैं। पुलिस के अनुसार, भीड़ अत्यधिक बढ़ने और व्यवस्थाओं के चरमराने के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बनी।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, रविवार को श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में थी। तीर्थस्थल होने के कारण श्रावण मास में दर्शन हेतु उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में स्थानीय प्रशासन को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मनसा देवी मंदिर उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां मां मनसा देवी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है।

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