उत्तर प्रदेश के मथुरा में गौ-रक्षक चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा बाबा’ के निधन के बाद प्रशासन ने उनकी स्मृति में कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। शनिवार (21 मार्च) की शाम को उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में उनके अनुयायी और सहयोगी शामिल हुए। इस दौरान जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
जिला मजिस्ट्रेट चंद्रप्रकाश सिंग ने बताया कि यह हादसा तड़के करीब 3:30 बजे हरियाणा सीमा के पास घने कोहरे के बीच हुआ। फरसा बाबा अपने साथियों के साथ एक ट्रक की जांच कर रहे थे, तभी राजस्थान नंबर का एक अन्य ट्रक पीछे से आकर उनसे टकरा गया। इस दुर्घटना में फरसा बाबा की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि हादसे में शामिल ट्रक चालक ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
प्रशासन ने घोषणा की है कि फरसा बाबा के अंतिम संस्कार स्थल पर उनकी स्मृति में एक स्मारक (समाधि) का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही उनकी गौशाला को सरकारी सहायता दी जाएगी, जिससे गौ-सेवा से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया जा सके। जिला मजिस्ट्रेट ने यह भी कहा कि पात्र और जरूरतमंद व्यक्तियों को लाइसेंस देने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि फरसा बाबा के नाम पर एक पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी, जिससे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी निर्दोष व्यक्ति को निशाना नहीं बनाया जाएगा।
एसएसपी ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। फरसा बाबा के निधन से उनके समर्थकों में शोक की लहर है, वहीं प्रशासन द्वारा की गई घोषणाओं को उनके योगदान के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
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