संभल में फिर चला प्रशासन का बुलडोजर, दो अवैध मस्जिद और एक मदरसा ध्वस्त

2.5 बीघा सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त

संभल में फिर चला प्रशासन का बुलडोजर, दो अवैध मस्जिद और एक मदरसा ध्वस्त

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उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने एक बार फिर अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर एक्शन को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के तहत दो अवैध मस्जिदों और एक मदरसे को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन के मुताबिक, यह सभी निर्माण सरकारी जमीन पर किए गए थे और इनके खिलाफ लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही थी।

प्रशासन ने इस कार्रवाई को लेकर पहले ही स्थानीय ग्रामीणों को सूचना दे दी थी। इसी वजह से कार्रवाई से पहले ही गांववालों ने दो में से एक अवैध मस्जिद को खुद ही गिराना शुरू कर दिया था। जब प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तो पाया गया कि मस्जिद का बड़ा हिस्सा पहले ही ढहाया जा चुका है। इसके बाद प्रशासन ने शेष ढांचे को हटाया और आगे स्थित अवैध मदरसे को भी बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।

प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई से पहले ढोल पिटवाकर मुनादी भी कराई, ताकि किसी तरह का भ्रम या टकराव न हो। इसके बाद तीन बुलडोजरों की मदद से करीब 1500 वर्ग मीटर में बने अवैध मदरसे को जमींदोज किया गया। इसके साथ ही संभल के रावा बुजुर्ग इलाके में स्थित अवैध मस्जिद को भी ध्वस्त किया गया। इस पूरी कार्रवाई के बाद प्रशासन ने करीब 2.5 बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है।

प्रशासन ने अवैध मस्जिद और मदरसे को गिराने के लिए 4 जनवरी की तारीख तय की थी। लेकिन बुलडोजर कार्रवाई के डर से स्थानीय लोग सुबह का इंतजार किए बिना ही रात से हथौड़ा चलाने लगे। ग्रामीणों ने मस्जिद के एक बड़े हिस्से को खुद ही तोड़ दिया था। इस पर स्थानीय तहसीलदार ने कहा कि यह सकारात्मक बात है कि लोग खुद आगे आकर अवैध निर्माण हटाने में सहयोग कर रहे हैं।

प्रशासन के अनुसार जिन मस्जिदों और मदरसे पर कार्रवाई की गई, वे सभी सरकारी जमीन पर बने हुए थे। जानकारी के मुताबिक मुतवल्ली हाजी शमीम पर 439 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर मस्जिद बनाने का आरोप था। इस संबंध में वर्ष 2018 में रिपोर्ट दाखिल की गई थी, जिसके बाद तहसीलदार न्यायालय में मामले की वर्षों तक सुनवाई चली।

अदालत में दस्तावेजी साक्ष्यों और रिकॉर्ड की जांच के बाद जमीन को सरकारी घोषित किया गया और मुतवल्ली को बेदखल करने का आदेश दिया गया। प्रशासन का कहना है कि उसी न्यायिक आदेश के अनुपालन में यह बुलडोजर कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे और सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का गैरकानूनी निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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