वसई पश्चिम स्थित सनसिटी परिसर के तिरुमाला बालाजी मंदिर में गायत्री परिवार, वसई की ओर से आयोजित दो दिवसीय विराट पुस्तक मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 21 और 22 फरवरी 2026 तक चले इस आयोजन में सुबह 10 बजे से सायं 7 बजे तक श्रद्धालुओं और पाठकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। दोपहर 3 बजे हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम तथा सायं 6:30 बजे सामूहिक आरती का आयोजन भी किया गया।
इस विराट पुस्तक मेले के माध्यम से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को जीवनोपयोगी साहित्य प्राप्त करने का शुभ अवसर मिला। अखंड दीप शताब्दी वर्ष 2026 के उपलक्ष्य में आयोजित इस प्रदर्शनी में गायत्री परिवार के संस्थापक, विचार क्रांति के प्रणेता एवं युगदृष्टा पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित 3200 से अधिक पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया। इन पुस्तकों में वर्तमान सामाजिक, पारिवारिक और व्यक्तिगत समस्याओं के समयानुकूल समाधान प्रस्तुत किए गए हैं।
साहित्य प्रदर्शनी में भारतीय संस्कृति के ज्ञानाधार वेद, उपनिषद, दर्शन, पुराण, गायत्री, गीता, धर्म तथा वैज्ञानिक अध्यात्मवाद जैसे विषयों की युगानुकूल व्याख्या करने वाली पुस्तकों के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वावलंबन, व्यसन मुक्ति, संस्कार निर्माण, उपासना-साधना, नारी जागरण और बाल निर्माण जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत साहित्य उपलब्ध कराया गया।
कार्यक्रम में इस अवसर पर मुंबई, अंधेरी निवासी गायत्री परिवार की सक्रिय कार्यकर्ता आशा ज्ञानी ने विशेष संबोधन दिया। उन्होंने ब्रह्मचर्य जीवन का पालन करते हुए महाराष्ट्र के विभिन्न स्थानों पर जाकर गायत्री परिवार के प्रचार-प्रसार के अपने अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर कर्मकांड एवं संचालन की जिम्मेदारी आशा समानी, आशा पासवान, विवेक जायसवाल एवं सहायक के रूप में उमेश जोशी ने निभाई। विशेष उद्बोधन आशा ज्ञानी और डॉ. वरुण मानेक ने दिया। आयोजन को सफल बनाने में आयोजक जितेंद्र ठक्कर एवं ज्योति वासनी सहित नायगांव और नालासोपारा गायत्री परिवार का सराहनीय योगदान रहा।



