सामाजिक समरसता और भेदभाव खत्म करने के लिए विश्व हिंदू परिषद करेगी ‘समरसता यात्रा’

पांच दिवसीय यात्रा की घोषणा

सामाजिक समरसता और भेदभाव खत्म करने के लिए विश्व हिंदू परिषद करेगी ‘समरसता यात्रा’

Vishwa Hindu Parishad will organize 'Samrasata Yatra' to promote social harmony and end discrimination.

विश्व हिंदू परिषद (VHP) की कोंकण प्रांत ने समाज में समरसता को बढ़ावा देने और भेदभाव तथा अस्पृश्यता को समाप्त करने के उद्देश्य से पांच दिवसीय ‘समरसता यात्रा’ आयोजित करने की घोषणा की है। यह अभियान 11 मार्च से 15 मार्च 2026 तक मुंबई के विभिन्न जिलों में आयोजित किया जाएगा।

संगठन द्वारा जारी बयान के अनुसार यह यात्रा मुंबई के विद्यानगर, सहार, ओशिवारा और दिंडोशी जिलों में आयोजित होगी। अभियान का उद्देश्य समाज में समानता और एकता का संदेश फैलाना तथा भेदभाव-मुक्त सामाजिक व्यवस्था की आवश्यकता के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।

परिषद ने अपने बयान में कहा कि अस्पृश्यता और सामाजिक भेदभाव का न तो धर्म में कोई स्थान है और न ही समाज में। संगठन का मानना है कि इन कुरीतियों को समाप्त करने के लिए केवल विचार स्तर पर ही नहीं बल्कि व्यवहार में भी परिवर्तन लाना आवश्यक है।

संगठन ने बताया कि यह पहल समाज को एकजुट और सशक्त बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सनातन परंपराओं और मूल्यों को संरक्षित रखते हुए समाज में आपसी सम्मान और भाईचारे को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के तहत विभिन्न प्रकार की जनसंपर्क गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें स्थानीय बस्तियों में संपर्क अभियान, महिलाओं की सभाएं, सार्वजनिक शोभायात्राएं और समापन जनसभाएं शामिल होंगी।

आयोजकों के अनुसार यात्रा के प्रत्येक दिन की शुरुआत सुबह 9:30 बजे से दो स्थानीय समुदायों के दौरे से होगी, जो दोपहर 1 बजे तक चलेगा। इसके बाद दोपहर 3 बजे महिलाओं की विशेष सभा आयोजित की जाएगी। शाम 5 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी, जबकि रात 8:30 बजे संबंधित जिले में निर्धारित स्थल पर जनसभा आयोजित होगी।

परिषद नेताओं का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाना और सभी वर्गों के प्रति सम्मान तथा समानता की भावना को मजबूत करना है।  संगठन के अनुसार ‘समरसता यात्रा’ के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद बढ़ाने और भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी।

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