गुवाहाटी टेस्ट ने भारतीय क्रिकेट में एक और कड़वी याद जोड़ दी। साउथ अफ्रीका ने बुधवार (26 नवंबर) को भारत को 408 रनों से हराकर दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ 2–0 से अपने नाम कर ली। यह भारत की घरेलू टेस्ट क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी रन-अंतर की हार है। इसके साथ ही भारत को लगातार दूसरे साल घरेलू टेस्ट सीरीज़ में व्हाइटवॉश झेलना पड़ा है, जो कभी असंभव माना जाता था।
साउथ अफ्रीका मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियंस हैं। साथ ही साउथ अफ्रीका ने भारत को 25 साल में पहली बार उसकी ही जमीन पर सीरीज़ हराई। चौथे दिन भारत के सामने 549 रनों का लक्ष्य रखा गया था। टीम इंडिया पाँचवें दिन के पहले सत्र में ही 140 पर ढेर हो गई।
इस सीरीज़ के सबसे बड़े नायक दक्षिण अफ्रीका के अनुभवी ऑफ़-स्पिनर साइमन हार्मर रहे। साइमन ने गुवाहाटी टेस्ट की दूसरी पारी में 6 विकेट झटके और पूरी सीरीज़ में 17 विकेट सिर्फ 8 की औसत से हासिल किए। कोलकाता टेस्ट में उनका 10 विकेट का मैच-हौल पहले ही भारतीय बल्लेबाज़ों की कमजोरी को उजागर कर चुका था। गुवाहाटी में उन्होंने एक बार फिर वही धार दिखाई और भारत की बल्लेबाज़ी को तहस-नहस कर दिया। हार के बाद स्टैंड-इन कप्तान ऋषभ पंत ने कहा, “थोडी निराशा है। टीम के रूप में हमें बेहतर होना होगा। विपक्ष को भी क्रेडिट देना चाहिए। हमें सीख लेकर आगे बढ़ना होगा।”
भारत की बल्लेबाज़ी इस सीरीज़ में सबसे बड़ी विफलता रही। टीम दोनों टेस्ट में एक बार भी 220 पार नहीं कर सकी। रविंद्र जडेजा को छोड़कर कोई भी खिलाड़ी संघर्षपूर्ण परिस्थितियों में टिक नहीं पाया। कई वरिष्ठ बल्लेबाज़ KL राहुल, ऋषभ पंत, अजिंक्य रहाणे बड़ी भूमिका निभाने में असफल रहे। कप्तान शुभमन गिल की गर्दन की चोट ने भारत की समस्याएँ और बढ़ा दीं।
इस पृष्ठभूमि में मुख्य कोच गौतम गंभीर पर दबाव बढ़ना तय है। वे भारतीय क्रिकेट इतिहास के पहले कोच बन गए हैं, जिनकी देखरेख में टीम को लगातार दो घरेलू व्हाइटवॉश मिले हैं पहले न्यूज़ीलैंड ने 3–0 से और अब दक्षिण अफ्रीका ने 2–0 से। इंग्लैंड में 2–2 की ड्रॉ सीरीज़ ने कुछ राहत जरूर दी थी, लेकिन घरेलू धरती पर मिल रही करारी हारें उनके कार्यकाल पर बड़ा सवाल खड़ा करती हैं।
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेंबा बवुमा फिलहाल अपने करियर के स्वर्णिम दौर में हैं। वे भारत में सीरीज़ स्वीप करने वाले केवल दूसरे SA कप्तान बने हैं। इससे पहले यह उपलब्धि हैंसी क्रोनिए ने 2000 में हासिल की थी। बवुमा ने एक और रिकॉर्ड बनाया है की वे टेस्ट कप्तान के रूप में अब 12 में से 11 मैच जीतकर मैच की विजयी श्रृंखला का सबसे लंबा सफर तय कर चुके हैं, जिसने बेन स्टोक्स के 10 जीत के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
दक्षिण अफ्रीका का हालिया टेस्ट प्रदर्शन भी उल्लेखनीय है। टीम पहले ऑस्ट्रेलिया को हराकर WTC फ़ाइनल जीत चुकी है, फिर पाकिस्तान में कठिन परिस्थितियों में सीरीज़ ड्रॉ की। भारत में उन्होंने कोलकाता की स्पिनिंग पिच पर 30 रनों से जीत दर्ज की और गुवाहाटी में पारंपरिक सबकॉन्टिनेंट चुनौतियों का सामना करते हुए तीनों विभागों में मेज़बानों को पछाड़ दिया।
यह सीरीज़ भारतीय क्रिकेट के लिए कई कठोर सवाल छोड़ गई है। खासकर टीम के चरित्र, बल्लेबाज़ी की रीढ़ और घरेलू वर्चस्व की वापसी को लेकर।
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