IPL 2025: क्या धोनी के निचले क्रम में बल्लेबाजी करने से उनका डर झलकता है?

उनकी बढ़ती उम्र को देखते हुए उन्हें टी20 में अपने आप को साबित करना होगा वरना चेन्नई ही नहीं बल्की देशभर के कई ऐसे युवा अभी है जिन्हें एक मौके की तलाश है।

IPL 2025: क्या धोनी के निचले क्रम में बल्लेबाजी करने से उनका डर झलकता है?

IPL 2025: Is Mahendra Singh Dhoni's batting lower down the order a sign of his fear?

चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की बल्लेबाजी क्रम को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। IPL2025 में अब तक खेले गए मुकाबलों में धोनी को सातवें या उससे भी निचले क्रम में बल्लेबाजी के लिए आते है, जिससे कई क्रिकेट विशेषज्ञ और प्रशंसक सवाल उठा रहे हैं कि क्या टीम उनकी बल्लेबाजी क्षमता का सही इस्तेमाल कर रही है। हालांकि टीम 43 वर्षीय खिलाडी के तगड़े अनुभव और मजबूत रेकॉर्ड के बलबूते वे CSK मैनेजमेंट को मजबूर कर सकते है उनका नीचले क्रम में बल्लेबाजी के लिए आना इसी बात का सबूत भी है। धोनी के इसी रवैय्ये से क्रिकेट विश्लेषकों में चर्चा है कहीं धोनी की क्रिकेट ख़त्म तो नहीं हुई!

धोनी ने अपने शुरुवाती क्रिकेट करियर के दौरान कई मौकों पर टीम के लिए मुश्किल परिस्थितियों में मैच खत्म किए हैं। हालांकि, 43 की उम्र में लीग के दौरान इतने नीचे क्रम में खेलने आते है कि वह पर्याप्त गेंदें नहीं खेल पा रहे। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेले गए पिछले मुकाबले में भी वह सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए और 11 गेंदों पर 16 रन बनाकर आउट हो गए। इससे पहले आरसीबी के खिलाफ मैच में वह नौवें नंबर पर आए और 16 गेंदों पर 30 रन बनाकर नाबाद रहे, लेकिन धोनी के इन रनों का टीम के लिए कोई योगदान नहीं रहा और CSK को हार का सामना करना पड़ा।

2023 से लेकर अब तक के आंकड़े बताते हैं कि धोनी का योगदान तभी प्रभावी रहा है जब उन्हें पर्याप्त गेंदें खेलने का मौका मिला। यदि चेन्नई सुपर किंग्स लक्ष्य का पीछा करते हुए मैच जीतती है, तो उनमें धोनी की बल्लेबाजी का सीधा योगदान कम देखा गया है। लेकिन जब टीम हारी है, तो धोनी ने कई बार तेज पारियां खेली हैं, जो यह दर्शाता है कि अगर वे कुछ ओवर पहले बल्लेबाजी के लिए उतरते है तो वे अपनी क्रिकेट दिखा सकते है, जो की 2019 के विश्वकप से लगातार सवालों में घिरी रही है।

सीएसके के टीम मैनेजमेंट की जिम्मेदारियों पर अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों धोनी के अनुभव का फायदा उठाने के लिए बोझ ढो रही है। धोनी के फैंस की माने तो उनकी स्ट्राइक रेट और मैच फिनिश करने की काबिलियत अभी भी बरकरार है। हालांकि, उनकी बढ़ती उम्र को देखते हुए उन्हें टी20 में अपने आप को साबित करना होगा वरना चेन्नई ही नहीं बल्की देशभर के कई ऐसे युवा अभी है जिन्हें एक मौके की तलाश है। धोनी फ़िलहाल कम गेंदों का सामना कराने की रणनीति अपना रहें है, लेकिन इस रणनीति से धोनी को, जो फंसी हुई मैच का सामना करने में डर लगता है उसका जल्द ही फैंस के सामना भांडाफोड़ हो सकता है।

आने वाले मैचों में कप्तान पर दबाव बनाए बिना धोनी को ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करते हुए यह साबित करना होगा की उन्हें मिलने वाले मौकों के वो हक़दार है।

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