विदेशी खिलाड़ियों की ‘कमिटमेंट’ पर लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर का तीखा हमला

‘आईपीएल को बना दिया कैश काउ’

विदेशी खिलाड़ियों की ‘कमिटमेंट’ पर लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर का तीखा हमला

Little Master Sunil Gavaskar launches scathing attack on the commitment of foreign players

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर ने इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) में विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता और प्रतिबद्धता को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ ओवरसीज़ खिलाड़ी टूर्नामेंट को “कैश काउ” की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन पूरी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे।

फिटनेस और वर्कलोड पर उठाए सवाल

गावस्कर ने खास तौर पर मिशेल स्टार्क, मथीशा पथिराना और कैमरून ग्रीन जैसे खिलाड़ियों के देर से जुड़ने या फिटनेस कारणों से अनुपलब्ध रहने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक गेंदबाज को एक मैच में सिर्फ चार ओवर ही फेंकने होते हैं, जिसे ज्यादा वर्कलोड बताना समझ से परे है। अपने कॉलम में उन्होंने लिखा, “अगर खिलाड़ी प्रैक्टिस में इतने ही ओवर बिना परेशानी के डाल सकते हैं, तो मैच में ऐसा क्यों नहीं कर सकते? दो महीने में 14 लीग मैचों में कुल 56 ओवर फेंकना कोई भारी बोझ नहीं है।”

फ्रेंचाइज़ी के प्रति जिम्मेदारी पर जोर

गावस्कर ने कहा कि भले ही देश के लिए खेलना प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन फ्रेंचाइज़ी भी खिलाड़ियों पर भारी निवेश करती हैं और बदले में पूरी प्रतिबद्धता की हकदार हैं। उन्होंने “पहले से सूचित” करने के तर्क को भी कमजोर बताते हुए कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि जानकारी कितनी पहले दी गई थी।

उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से अपील की कि ऐसे मामलों में सख्त नियम बनाए जाएं, ताकि खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारियों से बच न सकें और लीग की प्रतिस्पर्धात्मकता बनी रहे।

गावस्कर ने यह भी खुलासा किया कि विदेशी खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट से उनके क्रिकेट बोर्ड्स को भी आर्थिक लाभ मिलता है। उनके अनुसार, खिलाड़ी की बोली राशि का करीब 10% संबंधित बोर्ड को मिलता है, जो नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी करने के बदले दिया जाता है। उन्होंने कहा, “आईपीएल न सिर्फ विदेशी खिलाड़ियों के लिए, बल्कि उनके बोर्ड्स के लिए भी कैश काउ बन गया है। दुनिया की किसी अन्य टी20 लीग में बोर्ड्स को ऐसा भुगतान नहीं किया जाता, यहां तक कि द हंड्रेड में भी नहीं।”

खिलाड़ियों की जवाबदेही जरूरी

गावस्कर के इस बयान ने एक बार फिर IPL में विदेशी खिलाड़ियों की भूमिका और उनकी प्रतिबद्धता पर बहस छेड़ दी है। उनका मानना है कि जब फ्रेंचाइज़ी और लीग इतनी बड़ी आर्थिक और भावनात्मक निवेश कर रही हैं, तो खिलाड़ियों को भी पूरी जिम्मेदारी के साथ मैदान पर उतरना चाहिए।  यह विवाद आने वाले समय में आईपीएल के नियमों और खिलाड़ी प्रबंधन पर असर डाल सकता है।

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