ICC की अहम बैठक के बाद अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के सामने भारत के खिलाफ T20 विश्व कप 2026 मैच को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की 24 घंटे की समयसीमा तय हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान अगले 24 घंटों में यह साफ कर देगा कि वह भारत के खिलाफ प्रस्तावित ग्रुप मैच खेलेगा या उसका बहिष्कार करेगा।
लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में हुई यह बैठक पांच घंटे से ज्यादा चली, जिसमें PCB चेयरमैन मोहसिन नक़वी, ICC के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम मौजूद रहे। बैठक की गंभीरता इसी से समझी जा सकती है कि भारत बनाम पाकिस्तान का यह मुकाबला 15 फरवरी को होना है और अनिश्चितता लगातार बढ़ती जा रही है। ICC किसी भी हालत में यह नहीं चाहता कि टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण अधर में लटका रहे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, PCB अब इस मुद्दे पर पाकिस्तान की संघीय सरकार से सलाह लेने की तैयारी में है। इस फैसले में राजनीतिक दिशा-निर्देशों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर पड़ने वाले असर को भी तौला जा रहा है, जिसके चलते पाकिस्तान के लिए अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण होंगे।
लाहौर में हुई इस बैठक का केंद्र बिंदु पाकिस्तान का 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाला भारत के खिलाफ ग्रुप मैच न खेलने का फैसला था। 2 फरवरी को, यानी विश्व कप शुरू होने से ठीक पहले, बहिष्कार की घोषणा ने हालात को और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया था। इसके बाद ICC को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा।
इस बैठक में बांग्लादेश की मौजूदगी ने पूरे मामले को नया मोड़ दिया। BCB अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बैठक से कुछ घंटे पहले ही लाहौर पहुंचे थे, जो इस बात का संकेत था कि ICC समाधान निकालने के लिए क्षेत्रीय बोर्डों को साथ लाने की कोशिश कर रहा है। जानकारी के अनुसार, इन चर्चाओं के दौरान पाकिस्तान और बांग्लादेश बोर्ड के रुख में सामंजस्य देखा गया।
ICC का मुख्य उद्देश्य इस मुद्दे को एक बड़े संकट में बदलने से रोकना है, क्योंकि इसका असर सिर्फ एक मैच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शेड्यूल, गवर्नेंस और पूरे टूर्नामेंट के व्यावसायिक ढांचे पर पड़ सकता है।
दरअसल क्रिकेट की दुनिया में भारत बनाम पाकिस्तान से बड़ा कोई मुकाबला नहीं माना जाता। वैश्विक दर्शक संख्या, ब्रॉडकास्ट राइट्स, स्पॉन्सरशिप और विज्ञापन के लिहाज से यह मैच ICC के लिए सबसे बड़ा रेवेन्यू जनरेटर है।
ब्रॉडकास्टर्स भारी रकम इसलिए चुकाते हैं क्योंकि ऐसे हाई-वोल्टेज मुकाबले तय दर्शक खींचते हैं। अगर पाकिस्तान इस मैच से हटता है, तो ICC के ब्रॉडकास्ट पैकेज की कीमत पर सीधा असर पड़ेगा, जिसका असर पूरे टूर्नामेंट की आर्थिक सेहत पर दिखेगा।
इसका प्रभाव यहीं नहीं रुकेगा। कमाई में कमी का असर अंततः सदस्य बोर्डों को मिलने वाली सालाना राशि पर भी पड़ेगा, जिसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश और भारत जैसे बोर्ड भी शामिल हैं।
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