T20 विश्व कप 2026 में भारत के हाथों 61 रन की करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तान प्रशंसकों में हमेशा की तरह मायूसी है और पाकिस्तानी पूर्व क्रिकेटर्स भी इस मायूसी से अछूते नहीं है। वहीं मायूस पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद हफीज और सकलैन मुश्ताक कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत की तगड़े प्रदर्शन के बाद लाइव टीवी डिबेट के दौरान आमने-सामने भीड़ पड़े।
पाकिस्तानी चैनल टैपमैड पर प्रसारित शो में दोनों दिग्गजों के बीच इस बात को लेकर तीखी बहस हुई कि टीम की शर्मनाक हार के लिए जिम्मेदार कौन है। हफीज खिलाड़ियों को जिम्मेदार ठहराने पर अड़े रहे, जबकि सकलैन ने सपोर्ट स्टाफ और टीम प्रबंधन पर सवाल उठाए।
हफीज ने बहस के दौरान कहा, “इन खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के लिए 100 से ज़्यादा टी20 मैच खेले हैं। इनमें से मैं आपको छह ऐसे खिलाड़ी दिखा सकता हूँ जिन्होंने 100-100 मैच खेले हैं। यही हमारी मुख्य टीम है, है ना? उनकी भूमिकाओं में कोई खामी नहीं है, बस वे उन्हें ठीक से निभा नहीं पा रहे हैं, अपने कौशल को निखार नहीं पा रहे हैं।” उन्होंने तर्क दिया कि टीम के मुख्य खिलाड़ी 100 से अधिक T20 मैच खेल चुके हैं और उन्हें अपनी भूमिका स्पष्ट रूप से पता है, लेकिन वे अपने स्कील को अमल में नहीं ला पा रहे हैं।
इस पर सकलैन ने जवाब दिया, “देखिए, हफीज, मैं समझता हूं कि जब आप सपोर्ट स्टाफ बदलते हैं, तो हमारे कल्चर में, हम अपने सीनियर्स की बात सुनने के आदी हैं… तो आप अपनी ज़िम्मेदारी किसी और को सौंप देते हैं, और वे आपके लिए मूव करना शुरू कर देते हैं। इसीलिए मैंने पहले कहा था, शायद मैं पागल लगूं, लेकिन इन खिलाड़ियों में बहुत क्षमता है। उन्हें अपनी क्षमता के अनुसार खेलने की अनुमति दी जानी चाहिए। बार-बार बदलाव करना ही उनके खराब प्रदर्शन का एक कारण है।” उन्होंने कहा कि लगातार बदलाव और अस्थिरता खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रभावित करती है।
हफीज ने आगे रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा, हम पहले नौ ओवरों में ही मैच खत्म कर सकते थे। खराब रणनीति की वजह से, हमारा तुरुप का पत्ता [उस्मान तारिक], जो सबसे बड़ी चिंता का विषय था, उसे हमने 11वें ओवर में ही उतारा। तब तक तो मैच लगभग खत्म हो चुका था। और जब उन्होंने उसका इस्तेमाल करने की कोशिश की, तो न तो स्लिप फील्डर था और न ही मिड-ऑन फील्डर आगे था। आज हमने जिन 11 खिलाड़ियों को खिलाया, वे ठीक थे क्योंकि इसी टीम के साथ कॉन्फिडेंस बना था। ये खिलाड़ी अपना रोल जानते थे, लेकिन वे अपने स्कील नहीं दिखा सके। अब खिलाड़ियों को ही दोष देना चाहिए।”
सकलैन ने एक सवाल पूछा, “आपने दो बार जिक्र किया कि पहले नौ ओवरों में पाकिस्तान ने जिस तरह से खेला, उससे भारत ने मैच हमसे छीन लिया। आप मुख्य कोच, क्रिकेट निदेशक और कप्तान रह चुके हैं। क्या आप कहेंगे कि मैच उन्हीं नौ ओवरों में हाथ से निकल गया था? क्या आप उसी क्षण फैसला कर सकते थे, या यह मसला बाद में आता?”
मैदान पर मुकाबला पूरी तरह भारत के नाम रहा। भारतीय बल्लेबाज ईशान किशन ने 40 गेंदों में 77 रन की विस्फोटक पारी खेलकर टीम को 175 रन के प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाया। उनके साथ तिलक वर्मा ने अहम साझेदारी निभाई। पाकिस्तान के स्पिनरों, जिनमें शादाब खान और अबरार अहमद शामिल थे, पर किशन ने जमकर प्रहार किया।
176 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। जसप्रीत बुमराह (2/17) और हार्दिक पांड्या (2/16) ने शुरुआती दो ओवरों में ही पाकिस्तान को 13 रन पर तीन विकेट के स्कोर पर पहुंचा दिया। इसके बाद बाबर आजम का विकेट गिरते ही स्थिति और बिगड़ गई।
भारतीय स्पिन आक्रमण, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती और तिलक वर्मा के सामने पाकिस्तानी बल्लेबाजी बिखर गई। पूरी टीम 18 ओवर में 114 रन पर सिमट गई।
इस हार के साथ भारत ने एक बार फिर इस चिर-प्रतिद्वंद्विता में अपना दबदबा कायम रखा, जबकि पाकिस्तान में टीम चयन, रणनीति और प्रबंधन को लेकर बहस तेज हो गई है।
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