“ऐसी सजा मिले जिससे भविष्य में कोई न सोचे”, पाकिस्तान के बहिष्कार पर सुनील गावस्कर भड़के

“ऐसी सजा मिले जिससे भविष्य में कोई न सोचे”, पाकिस्तान के बहिष्कार पर सुनील गावस्कर भड़के

"They should receive a punishment that will deter anyone from thinking of doing this in the future," Sunil Gavaskar fumed over the boycott of Pakistan.

ICC T20 विश्व कप में भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाले मुकाबले से पाकिस्तान के हटने के सरकारी फैसले ने क्रिकेट फँस को चौकायां है। जहां पाकिस्तान सरकार ने साफ किया है कि उसकी टीम टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी लेकिन भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगी, वहीं इस फैसले पर भारत के महान बल्लेबाज़ और पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

गावस्कर ने पाकिस्तान के इस कदम को सीधे तौर पर राजनीतिक फैसला बताया और इसके तर्कों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “जो फैसला लिया है, वो सरकार ने लिया है। ये राजनीतिक फैसला हुआ। खेल मंत्रालय ने फैसला लिया नहीं है। सरकार ने ट्वीट किया है कि भारत के खिलाफ नहीं खेलेंगे। यह एक राजनीतिक फैसला है, बाकी टूर्नामेंट खेल रहे हैं।  सिर्फ भारत के खिलाफ नहीं खेल रहे। मैं पूछना चाहता हूं आज यो यूथ टीम खेल रही थी भारत और पाकिस्तान की, उसे क्यों होने दिया।”

गावस्कर ने पाकिस्तान के रुख में चयनात्मकता की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर भारत के खिलाफ खेलने से इनकार करना है तो यह नियम सभी स्तरों पर लागू होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, “आपने यह इसलिए होने दिया क्योंकि बीते दिनों एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान ने जीत हासिल की थी। तो आपको लगा कि पाकिस्तानी टीम आज भी जीत हासिल करेगी और भारतीय यूथ टीम टूर्नामेंट से बाहर होगी। वैसा हुआ नहीं, अगर भारत के खिलाफ नहीं खेलना तो सभी एज ग्रुप बंद करें। ये नहीं कि हम सीनियर नहीं खेलेंगे, जूनियर खेलेंगे। ये कौन सी बात है।”

पूर्व कप्तान ने पाकिस्तान के फैसले के भविष्य को लेकर भी टिप्पणी की और संकेत दिया कि इसमें पलटाव संभव है। गावस्कर ने कहा, “अगले दो चार दिन में जब रिएक्शन आएंगे। तो शायद ये निर्णय बदल सकता है। हम सब जानते हैं कि पाकिस्तानी क्रिकेट रिटायर होते हैं और चार दिन बाद संन्यास वापस ले लेते हैं। तो यह भी हो सकता है और अगर पाकिस्तान यह फैसला वापस लेता है तो इसमें क्या परेशानी है, कोई परेशानी नहीं है। पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने दिखाया है, वैसा ही शायद ये भी हो सकता है।”

हालांकि, गावस्कर ने आखिरी समय पर लिए गए ऐसे फैसलों को टूर्नामेंट और वैश्विक क्रिकेट के लिए नुकसानदेह बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी टीम ने टूर्नामेंट के बेहद करीब आकर नाम वापस लिया, तो आईसीसी को सख्त रुख अपनाना चाहिए। उनके शब्दों में, “निश्चित रूप से, मुझे लगता है कि अगर आप आखिरी समय में नाम वापस लेते हैं, तो यह एकसमस्या है। अगर आप पहले ही नाम वापस ले लेते हैं, तो यह बिल्कुल अलग बात है लेकिन, अगर आप आखिरी समय में, टूर्नामेंट से ठीक पहले नाम वापस लेते हैं, तो हां, मुझे लगता है कि ICC को ज़रूर दखल देना चाहिए और कुछ कार्रवाई करनी चाहिए। मुझे नहीं पता कि वे क्या कार्रवाई करेंगे, लेकिन मुझे लगता है कि इसमें कई दूसरे बोर्ड भी शामिल हैं, इसलिए यह सिर्फ़ एक व्यक्ति का फ़ैसला नहीं होगा। हालांकि, यह कुछ ऐसा होना चाहिए जिससे यह पक्का हो कि भविष्य में कोई दूसरी टीम भी ऐसा करने के बारे में न सोचे।”

भारत–पाकिस्तान मुकाबला विश्व क्रिकेट का सबसे चर्चित और व्यावसायिक रूप से सबसे अहम मैच माना जाता है। ऐसे में पाकिस्तान के इस फैसले से न सिर्फ खेल भावना बल्कि टूर्नामेंट की विश्वसनीयता और प्रसारण हितों पर भी असर पड़ सकता है। अब सभी की निगाहें आईसीसी पर टिकी हैं कि वह इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है और क्या कोई ऐसा कदम उठाया जाता है, जो भविष्य में इस तरह की परिस्थितियों को रोक सके।

यह भी पढ़ें:

लोकसभा में डोकलाम पर घमासान, राजनाथ ने राहुल पर गुमराह करने का लगाया आरोप!

इजरायल-हमास युद्ध: गाजा-मिस्र राफा क्रॉसिंग अंशतः खुला

ग्रैमी अवार्ड से सम्मानित हुए 14वें तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का प्रेरणादायक सफर!

Exit mobile version