राजेश वर्मा ने रविवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि आरा के बाद राजगीर में लोजपा की 10 गुना बड़ी जनसभा होने वाली है। आरा की जनसभा में जिस प्रकार से लोगों की भीड़ आई वह कहीं न कहीं यह संकेत दे रही है कि बदलते हुए बिहार की उम्मीद चिराग पासवान हैं।
सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रयास है कि सम्मानजनक सीटों के साथ हम एनडीए में चुनाव लड़े। हमारे नेता ने कह दिया है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेंगे। चुनाव में उनकी भूमिका भी अहम होगी।
चिराग पासवान और तेजस्वी यादव की तुलना किए जाने पर राजेश वर्मा ने कहा कि इन दोनों नेताओं की तुलना नहीं हो सकती है। तेजस्वी यादव की राजनीति की नींव अपराध रही है। राजद सरकार के जंगलराज को कोई भूल नहीं सकता है। अपराधियों, माफियाओं का राज होता था। शाम होते ही घर से निकलना मुश्किल हो जाता था। हमारे नेता की सोच विकसित बिहार की है। ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ की सोच के साथ हमारे नेता आगे बढ़ रहे हैं।
दूसरी ओर, तेजस्वी यादव की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के सिवान दौरे को लेकर दिए गए बयान पर लोजपा (रामविलास) सांसद राजेश वर्मा ने जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि वह किसी पार्टी के नेता के बारे में नहीं बोल रहे हैं।
राजद पर हमला बोलते हुए लोजपा सांसद ने कहा कि हम लोगों ने राजद सरकार का कार्यकाल देखा है जब बिहार की क्या स्थिति थी। व्यापारी अपराधियों की धमकियों की वजह से बिहार छोड़ने को मजबूर हुए। अपराधी दुकानों को लूट लेते थे। इसीलिए, तेजस्वी यादव कुछ भी बयान देने से पहले अपने गिरेबान में झांकें।
तेजस्वी यादव की ओर से आयोग में नेताओं के रिश्तेदारों को शामिल किए जाने पर ‘जमाई आयोग’ की मांग किए जाने पर लोजपा सांसद ने कहा कि तेजस्वी यादव को शोभा नहीं देता है कि वह इस तरह की बात कहें। वह सलाह देने से पहले अपने घर में झांकें।
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