पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में हिरासत में ली गई हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को केरल पर्यटन विभाग द्वारा राज्य के खर्चे पर आमंत्रित किया गया था। एक सूचना का अधिकार (RTI) आवेदन से यह सनसनीखेज जानकारी सामने आई है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, ज्योति मल्होत्रा की यात्रा, आवास और पूरे यात्रा कार्यक्रम का पूरा खर्च केरल पर्यटन विभाग ने उठाया था। यह दौरा राज्य सरकार की एक इंफ्लुएंसर प्रमोशन योजना का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य केरल को डिजिटल पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रचारित करना था।
ज्योति मल्होत्रा की पाकिस्तान यात्राएं और वहां के इंटेलिजेंस अधिकारियों से संपर्क अब जाँच के मुख्य विषय बने हुए हैं। पुलिस के अनुसार, वह नवंबर 2023 से पाक उच्चायोग के निष्कासित अधिकारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश के संपर्क में थी, जिसे 13 मई को भारत सरकार ने देश से निकाल दिया था।
सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां उसे एक संभावित एजेंट के रूप में तैयार करने का प्रयास कर रही थीं। हालांकि, अभी तक उसके पास से किसी सैन्य या रक्षात्मक जानकारी तक पहुंच के सबूत नहीं मिले हैं। RTI में सामने आया है कि जनवरी 2024 से मई 2025 के बीच पर्यटन विभाग द्वारा आमंत्रित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स में ज्योति मल्होत्रा का नाम भी शामिल था। उसने कन्नूर, कोझिकोड, कोच्चि, अलप्पुझा और मुन्नार जैसे प्रमुख पर्यटक स्थलों का दौरा किया था।
उसके एक वायरल वीडियो में वह केरल की पारंपरिक साड़ी पहने थेय्यम परफॉर्मेंस में भाग लेती दिखी थी। इस दौरे के लिए पूरा खर्च सरकारी योजना के तहत वहन किया गया था। 16 मई को हिसार से गिरफ्तार की गई मल्होत्रा को आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था।
वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में है, जिसकी अवधि 23 जून को फिर दो सप्ताह के लिए बढ़ा दी गई थी। अगली सुनवाई 8 जुलाई को तय है। इससे पहले उसकी जमानत अर्जी 12 जून को खारिज कर दी गई थी। मल्होत्रा उन 12 लोगों में शामिल है, जिन्हें हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में संभावित जासूसी नेटवर्क के खिलाफ की गई एक समन्वित कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया गया था। माना जा रहा है कि यह नेटवर्क भारतीय कंटेंट क्रिएटर्स से संवेदनशील जानकारी निकालने का काम कर रहा था।
उसका यूट्यूब चैनल ‘Travel with Jo’ में 480 से अधिक वीडियो हैं, जिनमें से कई पाकिस्तान, बांग्लादेश और थाईलैंड की यात्राओं से जुड़े हैं। RTI में हुई इस पुष्टि के बाद केरल सरकार पर सवाल उठने लगे हैं कि एक संदिग्ध व्यक्ति को सरकारी खर्चे पर राज्य में बुलाने और प्रचार गतिविधियों में शामिल करने में क्या उचित जांच नहीं की गई थी?
इस पूरे मामले ने राजनीतिक और सुरक्षा गलियारों में हलचल मचा दी है, जहां अब यह बहस छिड़ गई है कि सरकारी योजनाओं में शामिल होने से पहले कंटेंट क्रिएटर्स की पृष्ठभूमि की जांच कितनी जरूरी है।
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