छत्तीसगढ़, बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच शनिवार को एक बड़ी मुठभेड़ हुई, जिसमें नक्सलियों की मिलिट्री कंपनी से जुड़ा एक कुख्यात स्नाइपर मारा गया। मृत नक्सली की पहचान सोढ़ी कन्ना के रूप में हुई है, जो PLGA बटालियन नंबर 01 की कंपनी नंबर 02 का डिप्टी कमांडर था। उस पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
बीजापुर पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव ने बताया कि मुठभेड़ की कार्रवाई विश्वसनीय खुफिया इनपुट के आधार पर शुरू की गई थी। नक्सलियों की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा, एसटीएफ, कोबरा 202, कोबरा 210, और सीआरपीएफ यंग प्लाटून की संयुक्त टीम ने 4 जुलाई 2025 को इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया।
इस दौरान नेशनल पार्क क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई और रुक-रुक कर मुठभेड़ होती रही। मुठभेड़ स्थल से एक सशस्त्र माओवादी का शव, एक .303 रायफल, विस्फोटक सामग्री और नक्सली दस्तावेज बरामद किए गए।
सूत्रों के मुताबिक, मारा गया नक्सली सोढ़ी कन्ना किस्टारम (थाना जगरगुंडा) का निवासी था। वह लंबे समय से टेकलगुड़ियम क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों, धरमारम कैंप पर हमले और अन्य बड़ी घटनाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। सीसीएम माड़वी हिडमा का विश्वस्त सहयोगी होने के साथ-साथ वह बटालियन का प्रशिक्षित स्नाइपर भी था।
उसके मारे जाने को माओवादी संगठन की स्नाइपर क्षमताओं को भारी क्षति के रूप में देखा जा रहा है। यह मुठभेड़ सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी रणनीतिक सफलता मानी जा रही है।
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि पिछले 18 महीनों (2024–25) के दौरान अब तक कुल 415 हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सुरक्षा बलों की रणनीतिक योजना, साहसिक कार्रवाइयों और स्थानीय जनसमर्थन का प्रमाण है।
उन्होंने यह भी बताया कि भीषण वर्षा, दुर्गम भूगोल और चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद सुरक्षा बलों की सक्रियता में कोई कमी नहीं आई है। DRG, STF, CoBRA, CRPF, BSF, ITBP, CAF और बस्तर फाइटर्स जैसे बल निरंतर मुस्तैदी से माओवाद विरोधी अभियानों को अंजाम दे रहे हैं।
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