यह जगुआर फाइटर जेट चूरू जिले के भानुदा और सिकराली रोही गांवों के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान हादसे के बाद से ही वायु सेना ने व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर रखा था, जिसमें दिल्ली, गुजरात और सूरतगढ़ एयरबेस की टीमें जुटी थीं।
बता दें कि राजस्थान के चूरू जिले के रतनगढ़ तहसील में बुधवार दोपहर करीब 1:25 बजे भारतीय वायुसेना का एक जगुआर फाइटर जेट क्रैश हो गया था। इस हादसे में सेना के दोनों पायलट शहीद हो गए थे। जानकारी के अनुसार, यह विमान सूरतगढ़ बेस से उड़ान भरने के बाद भनोदा गांव के पास एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।
बता दें, यह इस साल का तीसरा जगुआर विमान हादसा है। इससे पहले, 2 अप्रैल को भी गुजरात के जामनगर के पास भारतीय वायुसेना का जगुआर प्लेन क्रैश हो गया था। वहीं अंबाला के पास 7 मार्च को भी वायुसेना का डीप पेनिट्रेशन स्ट्राइक एयरक्राफ्ट जगुआर हादसे का शिकार हो गया था।
वायुसेना के बेड़े में करीब 121 जगुआर विमान हैं, जिन्हें 2031 तक चरणबद्ध तरीके से हटाने और उनकी जगह एचएएल तेजस एमके1ए जैसे आधुनिक विमानों को शामिल करने की योजना है। हादसे की वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन और सेना के अधिकारी मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं।
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