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114 वर्षीय मशहूर फौजा सिंह को टक्कर मारने वाला NRI गिरफ्तार !

जालंधर के करतारपुर क्षेत्र के दासूपुर गांव का रहने वाला है।

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पंजाब में 114 वर्षीय मशहूर मैराथन धावक फौजा सिंह की मौत के मामले में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पुलिस ने महज 30 घंटे के भीतर हिट एंड रन केस सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में 30 वर्षीय एनआरआई अमृतपाल सिंह ढिल्लों को गिरफ्तार किया है और घटना में शामिल फॉर्च्यूनर गाड़ी को भी जब्त कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी अमृतपाल सिंह ढिल्लों जालंधर के करतारपुर क्षेत्र के दासूपुर गांव का रहने वाला है। उसे करतारपुर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह भोगपुर से किशनगढ़ जा रहा था और हादसे के समय कार में अकेला था। उसने फौजा सिंह को टक्कर मारने की बात कबूल कर ली है।

घटना की जांच में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल पर मिले हेडलाइट के टुकड़ों की मदद ली, जिससे आरोपी तक पहुंचने में सहायता मिली। पुलिस ने इस मामले में अदमपुर थाना में आईपीसी की धारा 281 और 105 के तहत एफआईआर दर्ज की है।

यह दुखद हादसा सोमवार को जालंधर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर हुआ, जब फौजा सिंह टहल रहे थे। उसी दौरान सफेद रंग की अज्ञात फॉर्च्यूनर ने उन्हें टक्कर मार दी। अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
उनकी मौत से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी फौजा सिंह के निधन पर शोक जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा: “फौजा सिंह एक असाधारण व्यक्ति थे। उन्होंने अपने खास व्यक्तित्व और फिटनेस जैसे महत्वपूर्ण विषय को लेकर भारत के युवाओं को प्रेरित किया। वे अद्भुत दृढ़ संकल्प वाले एक उत्कृष्ट एथलीट थे। उनके निधन से बहुत दुख हुआ। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और दुनियाभर में मौजूद उनके अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं।”

फौजा सिंह का जन्म 1 अप्रैल 1911 को पंजाब के जालंधर जिले के ब्यास पिंड गांव में हुआ था। वे चार भाई-बहनों में सबसे छोटे थे और बचपन में इतने कमजोर थे कि 5 साल की उम्र तक चल भी नहीं सकते थे। लेकिन उनकी असाधारण इच्छाशक्ति ने उन्हें एक विश्व स्तरीय धावक बना दिया।

वर्ष 2011 में 100 वर्ष की उम्र में, उन्होंने टोरंटो मैराथन को 8 घंटे, 11 मिनट और 6 सेकंड में पूरा कर इतिहास रच दिया। वे दुनिया के पहले 100 वर्षीय मैराथन रनर बने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। फौजा सिंह की प्रेरणादायक जीवन यात्रा और उनके प्रति देश की श्रद्धांजलि आज हर भारतीय के दिल को छू रही है। पुलिस की तेज कार्रवाई ने इस मामले में न्याय की दिशा में पहला कदम मजबूत कर दिया है।

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