निलंबित कर्मचारियों में डिप्टी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (क्वालिटी कंट्रोल) बी. एलिजर, बीआईआरआरडी अस्पताल की स्टाफ नर्स एस. रोसी, बीआईआरआरडी अस्पताल की ग्रेड-1 फार्मासिस्ट एम. प्रेमावती और एसवी आयुर्वेद फार्मेसी की डॉ. जी. असुंथा शामिल हैं।
टीटीडी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इन कर्मचारियों पर अन्य धर्मों का पालन करने का आरोप है, जो एक हिंदू धार्मिक संस्था के कर्मचारियों के लिए निर्धारित नियमों के खिलाफ है।
टीटीडी ने स्पष्ट किया कि वेंकटेश्वर मंदिर के प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे संस्था के धार्मिक मूल्यों और आचार संहिता का पूरी तरह पालन करें। इन कर्मचारियों पर लगे आरोपों ने मंदिर प्रशासन के सामने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। निलंबन के बाद इन कर्मचारियों के खिलाफ आगे की जांच और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी।
यह घटना तिरुपति में चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि टीटीडी एक प्रमुख हिंदू धार्मिक संस्था है, जो देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है।
बता दें कि पिछले साल टीडीपी ने दावा किया था कि प्रसिद्ध वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का प्रबंधन करने वाले तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की ओर से उपलब्ध कराए गए घी के नमूनों में गुजरात के पशुधन प्रयोगशाला में मिलावट की पुष्टि हुई थी।
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