भारतीय उपमहाद्वीप में बढ़ते तनाव के बीच चीन ने पाकिस्तान की नौसैनिक क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजिंग ने पाकिस्तान को आठ नई एडवांस्ड हैंगर क्लास सबमैरीन में से तीसरी पनडुब्बी सौंप दी है। यह दूसरी डिलीवरी है जो मार्च 2025 के बाद कुछ ही महीनों में की गई है। चीनी सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, तीसरी हैंगर-श्रेणी पनडुब्बी का लॉन्चिंग समारोह गुरुवार (14 अगस्त)को मध्य चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में हुआ। इससे पहले इसी साल मार्च में पाकिस्तान को दूसरी पनडुब्बी दी गई थी।
चीन सिर्फ पनडुब्बियों तक सीमित नहीं रहा है। पिछले कुछ वर्षों में उसने पाकिस्तान को चार आधुनिक नौसैनिक फ्रिगेट्स भी दिए हैं। इसके अलावा बीजिंग,अरब सागर और हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बलूचिस्तान में ग्वादर पोर्ट का भी विकास कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान को लगातार मिल रही ये सैन्य आपूर्तियाँ सीधे तौर पर भारत के सागरी क्षेत्र को चुनौती देने की कोशिश हैं।
तीसरी हैंगर पनडुब्बी के लॉन्चिंग समारोह में पाकिस्तान के डेप्युटी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ प्रोजेक्ट-2, वाइस एडमिरल अब्दुल समद ने कहा, “हैंगर-क्लास पनडुब्बी का अत्याधुनिक हथियार तंत्र और एडवांस सेंसर क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बनाए रखने और समुद्री स्थिरता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएंगे।”
हाल ही में स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पाकिस्तान के सैन्य हार्डवेयर का 81 प्रतिशत से अधिक हिस्सा चीन से आता है। पिछले पाँच वर्षों में पाकिस्तान ने चीन से कई बड़े रक्षा सौदे किए हैं, जिनमें पहला जासूसी जहाज़ Rizwan, 600 से अधिक VT-4 बैटल टैंक, और 36 J-10CE 4.5-जनरेशन लड़ाकू विमान शामिल हैं। चीन ने 2022 में पाकिस्तान को पहली बार मल्टी-रोल J-10CE जेट्स सौंपे थे। ये पहले से मौजूद JF-17 लड़ाकू विमानों (जो दोनों देशों की संयुक्त परियोजना है) के बेड़े को और भी मजबूती देने वाले है।
चीनी सैन्य मामलों के जानकार झांग जुनशे का कहना है की हाल ही में पाकिस्तान को दी हैंगर-श्रेणी पनडुब्बी शक्तिशाली अंडरवाटर कॉम्बैट क्षमता, व्यापक सेंसर सिस्टम, उत्कृष्ट स्टील्थ क्वालिटी, उच्च गतिशीलता, लंबी सहनशक्ति और जबरदस्त फायरपावर से लैस है।
नई दिल्ली इन डिलीवरीज़ पर करीबी निगरानी रखे हुए है, खासकर इसलिए की हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक सैन्य तनाव युद्ध की ओर खींच गया था। साफ है कि चीन-पाकिस्तान की बढ़ती रक्षा साझेदारी हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के लिए रणनीतिक चुनौतियां खड़ी कर रही है, लेकीन भारत की नौसैना ने नौसेना विनिर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल की है।
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