बिहार सरकार के मंत्री संजय सरावगी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर तंज कसते हुए इसे ‘पीएम-सीएम बनाओ यात्रा’ करार दिया। उनका कहना है कि यह यात्रा लोकतंत्र या मतदाता अधिकारों की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री और तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने की महत्वाकांक्षा को दर्शाती है।
बिहार में मुख्यमंत्री की कुर्सी खाली नहीं है, क्योंकि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार मजबूत स्थिति में है। बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन का ‘सूपड़ा साफ’ होना तय है, क्योंकि जनता एनडीए के विकास कार्यों का समर्थन कर रही है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में नीतीश कुमार ने सराहनीय कार्य किए हैं। हमारी सरकार ने बिहार की जनता को राहत देते हुए 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी, साथ ही विकास के कई काम किए गए।
विपक्ष पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने राहुल गांधी से मांग की है कि वह माफी मांगे। तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने पिता लालू प्रसाद यादव के नक्शेकदम पर चलकर ‘वोट लूटने’ की राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि बिहार के मतदाता एनडीए के काम से खुश हैं और विधानसभा चुनाव में विपक्ष का ‘सूपड़ा साफ’ हो जाएगा।
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि दोनों नेता अराजकता फैलाने, संवैधानिक संस्थाओं का अनादर करने, सामाजिक सद्भाव को कमजोर करने और बिहार में ‘जंगल राज’ व ‘गुंडागर्दी’ को बढ़ावा देने की मानसिकता रखते हैं।
सिन्हा ने दावा किया कि विपक्ष का लक्ष्य बिहार में विकास को रोकना और गुंडाराज स्थापित करना है। राहुल और तेजस्वी विकास पर चर्चा से बचते हैं। सिन्हा ने ‘डबल इंजन’ की सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए कहा कि यह बिहार में विकास को गति दे रही है, जबकि विपक्ष केवल नकारात्मकता फैला रहा है।
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