मुंबई महानगरपालिका के शासन निर्णय के अनुसार, मनपा स्कूल चलाने के लिए कोई भी संस्था आगे आ सकती है। यदि कोई संस्था बिना किसी शुल्क लिए प्रबंधन करने के लिए तैयार है, तो उसे अनुमति दी जा सकती है, ऐसा इस निर्णय में स्पष्ट उल्लेख है।
इस निर्णय के अनुसार वर्तमान में निजी संस्थाओं के सहयोग से 30 से 35 स्कूल चल रहे हैं और उनमें मालवणी टाउनशिप स्कूल भी शामिल है। प्रयास फाउंडेशन की पहल से मालवणी क्षेत्र के छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो रहा है तो इसका विरोध क्यों? — ऐसा सीधा सवाल कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने इस अवसर पर उठाया।
मुंबई महानगरपालिका के मालवणी टाउनशिप स्कूल में प्रयास फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढा बोल रहे थे।
लोढा ने कहा कि मलाड में सबसे अधिक सरकारी जमीन थी, जिस पर भारी अतिक्रमण हुआ। अब मनपा स्कूलों की जमीन हड़पने की कोशिश हो रही है क्या? यहां के विधायक ने कौन सा विकास किया है, यह उन्हें बताना चाहिए। मालवणी में इतनी बड़ी संख्या में रोहिंग्या और बांग्लादेशी कहां से आए? उन्हें इतना सहयोग किसने किया? इसके पीछे क्या उद्देश्य है? ऐसा दो-टूक सवाल उन्होंने किया।
श्री लोढा ने कहा, “आज हम मालवणी में विकास का कार्य कर रहे हैं। बच्चों को उच्च स्तरीय सुविधाएं दे रहे हैं। इस निर्णय का विरोध करने वालों के बच्चे विदेश में पढ़ते हैं। उन्हें जनता को गुमराह नहीं करना चाहिए। आदरणीय मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के शासन में विकास कार्य में बाधा डालने वालों की दबंगई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
मुंबई उपनगर जिला के पालकमंत्री के रूप में कैबिनेट मंत्री लोढा ने जिला योजना समिति के माध्यम से उक्त स्कूल के विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये की व्यवस्था घोषित की। इस फंड से विज्ञान प्रयोगशाला, रोबोटिक्स लैब, कंप्यूटर लैब, जिम्नेज़ियम, खेल सामग्री और अन्य आवश्यक सुविधाएं स्कूल में उपलब्ध कराई जाएंगी। इस संबंध में पत्र लोढा ने आज के कार्यक्रम में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में बोलते हुए मंत्री लोढा ने यह भी स्पष्ट किया कि उच्च स्तरीय सुविधाओं के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसलिए विरोधियों के दुष्प्रचार में न आएं।
(यह एक सिंडीकेट खबर है, न्यूज डंका की ओर से नहीं लिखा गया। )
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