सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (25 अगस्त) को चुनाव विश्लेषक और सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज़ (CSDS) के वरिष्ठ फेलो संजय कुमार को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने उनके खिलाफ महाराष्ट्र में दर्ज आपराधिक मामलों की कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी है।
संजय कुमार पर नागपुर और नासिक पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि उन्होंने 2024 लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर भ्रामक वोटर डेटा साझा किया था। कुमार ने 17 अगस्त को ये आंकड़े पोस्ट किए थे, लेकिन गड़बड़ी सामने आने पर उन्होंने अगले दिन पोस्ट हटा दिए और 19 अगस्त को सार्वजनिक माफी जारी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह गलती उनके एक सहयोगी द्वारा दिए गए शोध आंकड़ों की वजह से हुई थी।
मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ (CJI) और जस्टिस एन. वी. अंजरिया की बेंच ने कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि फिलहाल एफआईआर पर रोक लगाई जाती है और अगली सुनवाई तक कोई कार्रवाई नहीं होगी।
कुमार के वकील ने कोर्ट को बताया कि वह तीन दशकों से चुनाव विश्लेषण के क्षेत्र में काम कर रहे हैं और उनकी साख बेदाग रही है। उन्होंने तर्क दिया कि यह एक अनजानी गलती थी और उस पर आपराधिक कार्रवाई “अनुचित और कठोर” है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल कार्यवाही पर रोक लगाते हुए महाराष्ट्र पुलिस से जवाब मांगा है और मामले की आगे की सुनवाई तक संजय कुमार को सुरक्षा प्रदान की है।
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