उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में शुक्रवार को बादल फटने की भीषण घटना सामने आई है। यह हादसा बसुकेदार तहसील के बरेठ तालजमण और बरेठ डुंगर टोक इलाके में हुआ, जहां अचानक भारी मलबा और पानी आने से कई परिवारों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, बादल फटने के बाद अलकनंदा नदी उफान पर आ गई और श्रीनगर से रुद्रप्रयाग तक का बदरीनाथ हाईवे पूरी तरह जलमग्न हो गया। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और लंबा जाम लग गया। पुलिस प्रशासन ने यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है और उन्हें वैकल्पिक मार्ग से भेजने की व्यवस्था की जा रही है। पुलिस अधीक्षक पौड़ी, लोकेश्वर सिंह ने बताया कि “यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है और वैकल्पिक रास्तों से श्रद्धालुओं को आगे भेजा जा रहा है।”
रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने पुष्टि की है कि बरेठ डुंगर टोक क्षेत्र में बादल फटने से व्यापक नुकसान हुआ है। कई घरों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए SDRF, पुलिस और स्थानीय टीमें लगातार प्रयासरत हैं।.
VIDEO | Rudraprayag, Uttarakhand: Cloudburst in Bareth Taljaman in Basukedar Tehsil. No casualties reported so far.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/dDt6oKyTNB
— Press Trust of India (@PTI_News) August 29, 2025
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “रुद्रप्रयाग जिले की बसुकेदार तहसील के बरेठ डुंगर टोक क्षेत्र और चमोली जिले के देवल क्षेत्र में बादल फटने की खबर मिली है। मलबे की चपेट में कुछ परिवार फंस गए हैं। राहत एवं बचाव कार्य प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं। मैंने आपदा सचिव और जिलाधिकारियों को प्रभावी बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मैं बाबा केदार से सभी की कुशलता की प्रार्थना करता हूं।”
जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्र के अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक और जनपद चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने के कारण मलबा आने से कुछ परिवारों के फंसे होने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, इस संबंध में निरंतर…
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 29, 2025
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते भी उत्तराखंड के चमोली जिले में बादल फटने की घटना हुई थी, जिसमें भारी तबाही मची थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की परीक्षा भी ले रही हैं।
फिलहाल राहत-बचाव टीमें मौके पर जुटी हुई हैं और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आगे और जानकारी का इंतजार है।
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