आईएएनएस से बातचीत के दौरान उन्होंने ममता बनर्जी की सरकार पर वेस्ट बंगाल स्टाफ भर्ती परीक्षा को लेकर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी और उनकी सरकार वास्तव में किसी को नौकरी देने के पक्ष में नहीं है, और एसएससी प्रक्रिया को उन्होंने नाटक करार दिया।
भाजपा नेता ने विशेष रूप से इस बात पर निशाना साधा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा भ्रष्ट और अयोग्य घोषित किए गए 156 शिक्षकों को, जिन्हें कोर्ट ने दोबारा परीक्षा में बैठने से मना किया था, फिर भी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जा रही है।
भाजपा नेता ने दावा किया कि यदि कोई इस परीक्षा के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर कर देता है, तो मामला अटक जाएगा और भर्ती प्रक्रिया रुक जाएगी, जिससे किसी को नौकरी नहीं मिलेगी और न ही सैलरी दी जाएगी। ममता बनर्जी असल में यही चाहती हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार का खजाना खाली है, सरकार की आय जीरो हो चुकी है और सरकारी कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए भी पैसे नहीं हैं।
यह भी पढ़ें-
लोकप्रियता में पीएम मोदी के आसपास कोई नहीं : बाबूलाल मरांडी!



