बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर (पीके) के ताजा खुलासों ने सियासी हलचल तेज कर दी है। पीके ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मंत्री अशोक चौधरी को पद से हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार व्यक्तिगत रूप से ईमानदार जरूर हैं, लेकिन अब शारीरिक और मानसिक रूप से थक चुके हैं, जिसके चलते मंत्री और अफसर खुलकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं।
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि उन्होंने सभी मंत्रियों के दस्तावेज जारी किए हैं और अब उनकी जिम्मेदारी है कि वे सार्वजनिक तौर पर सफाई दें। उन्होंने नीतीश कुमार को याद दिलाया कि जैसे तेजस्वी यादव पर आरोप लगने पर उन्हें स्पष्टीकरण देना पड़ा था, वैसे ही अब अशोक चौधरी, सम्राट चौधरी और मंगल पांडे को भी जवाब देना चाहिए। यदि सफाई नहीं मिलती तो मुख्यमंत्री को उन्हें पद से हटाना होगा।
गौरतलब है कि हाल ही में पीके ने अशोक चौधरी पर कथित भूमि घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इसके जवाब में मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि वे नियमित तौर पर आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं और उनकी सारी संपत्ति सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है।
चौधरी ने आरोप लगाया कि पीके बिना सबूत के झूठे दावे कर रहे हैं और पहले भी उन्होंने उनके खिलाफ मानहानि का केस किया था। उसी बौखलाहट में पीके इस तरह के बयान दे रहे हैं।
वहीं, जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने भी अशोक चौधरी से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों पर मंत्री को बिंदुवार जवाब देना चाहिए, क्योंकि ऐसे आरोप सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।
पीके की मांग और अशोक चौधरी की सफाई के बाद अब इस मुद्दे पर बिहार की सियासत और गरमा गई है।
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