संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए, मुस्लिम राष्ट्र इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने वैश्विक शांति, न्याय और समान अवसरों का आह्वान किया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि नस्लवाद, घृणा, उत्पीड़न और रंगभेद से प्रेरित मानवीय मूर्खता हमारे भविष्य के लिए ख़तरा है। उल्लेखनीय रूप से, उन्होंने अपने 19 मिनट के भाषण का समापन संस्कृत मंत्र “ॐ शांति, शांति ॐ” के साथ किया।
सुबियांतो ने घोषणा की कि इंडोनेशिया गाज़ा या फ़िलिस्तीन में शांति स्थापित करने के लिए अपने 20,000 या उससे अधिक बेटे-बेटियों को तैनात करने के लिए तैयार है। इंडोनेशिया संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जहाँ भी शांति सैनिकों की आवश्यकता होगी, हम केवल शब्दों से नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर अपनी सेवा जारी रखेंगे।
"Om Shanti, Shanti Om," says Indonesia's President at the end of his UN General Assembly speech pic.twitter.com/xVNayRZtBS
— Shashank Mattoo (@MattooShashank) September 24, 2025
सुबियांतो ने द्वि-राज्य समाधान के लिए इंडोनेशिया के पूर्ण समर्थन को दोहराया। उन्होंने फ़िलिस्तीन और इज़राइल दोनों से आतंकवाद से सुरक्षित रहने का आह्वान किया। गाजा की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि जहाँ निर्दोष लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं, वहाँ राष्ट्रों के इस समुदाय को इस आपदा को रोकने के लिए निर्णायक भूमिका निभानी होगी, अन्यथा दुनिया कभी न खत्म होने वाले युद्धों और बढ़ती हिंसा की एक बेहद खतरनाक स्थिति में पहुँच जाएगी।
सुबियांतो के अनुसार, किसी भी राजनीतिक संघर्ष का जवाब हिंसा से नहीं दिया जा सकता क्योंकि हिंसा से और अधिक हिंसा ही बढ़ेगी। उन्होंने कहा,”इंडोनेशिया इस सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। आइए हम इस लक्ष्य की दिशा में काम करें, ॐ शांति शांति शांति ॐ ”
बता दें की, इंडोनेशिया लंबे समय तक हिंदू धर्म से जुड़ा रहा है। आज भी इंडोनेशिया में भगवान गणेश की मूर्तियां स्वीकृत है, यहाँ तक की इंडोनेशिया के मुद्रा नोटो पर भी भगवान गणेश के चित्र देखने मिलते है। मान्यता है की इंडोनेशिया के जागृत ज्वालामुखी माउंट ब्रोमो से गणेश भगवान उनके देश की रक्षा कर रहें है। ऐसे में हिंदू धर्म से जुडी परंपराओं का चलन आज भी इंडोनेशिया में देखा जाता है।
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