उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो शेयर ट्रेडिंग और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का झांसा देकर लोगों को चूना लगा रहे थे। इस गिरोह ने 19 राज्यों में कुल 136 वारदातों को अंजाम दिया और लगभग 77.52 करोड़ रुपए की ठगी की। अकेले गाजियाबाद में ही तीन पीड़ितों से करीब 10 करोड़ रुपए की ठगी की गई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पीड़ितों से संपर्क करते थे और फिर क्रिप्टोकरेंसी व शेयर ट्रेडिंग के नाम पर फर्जी वेबसाइट और ऐप के जरिए धोखाधड़ी करते थे। एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बताया कि आरोपियों ने महिला के नाम से फेसबुक आईडी बनाकर यह ठगी अंजाम दी। गिरफ्तार आरोपी लखनऊ के आलमबाग निवासी शिवा जायसवाल, आशीष कनौजिया और आगरा के जगदीशपुरा निवासी तुषार मिश्रा हैं।
जांच में पता चला कि गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी शशि रंजन कुमार से 7.92 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी। पीड़ित ने जुलाई में मामला दर्ज कराया था। वहीं, अंकित सक्सेना से 1.82 करोड़ रुपए ठगे गए। लगातार शिकायतें मिलने पर पुलिस ने इस गिरोह की तलाश शुरू की और कई साक्ष्य इकट्ठा किए।
पीयूष सिंह ने बताया कि अब तक पीड़ितों से ठगी हुई राशि में से 1.4 करोड़ रुपए बरामद कर लिए गए हैं और बाकी धनराशि भी जल्द ही रिकवर कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि आरोपी पूरे देश में लोगों को ठग रहे थे और उनकी टीम में और कितने लोग थे तथा यह गिरोह कैसे काम करता था, इसकी जांच जारी है।
जांच में यह भी सामने आया कि 136 मामलों में करीब 11 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए थे। यह रकम कमीशन के जरिए एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कराई जाती थी। पुलिस आरोपियों और उनके सहयोगियों की पहचान कर रही है और बाकी बचे धन की भी जल्द बरामदी की योजना बना रही है।
यह भी पढ़ें:
फार्मा पर 100% अमेरिकी टैरिफ से भारत के निर्यात पर असर नहीं, एक्सपर्ट्स का दावा!
बिहार की महिलाएं बनीं बदलाव की पहचान, पीएम मोदी संग साझा की संघर्ष और सफलता की कहानियां!



