महाराष्ट्र के नांदेड़ ज़िले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शुक्रवार (26 सितंबर) शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के चलते बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। नांदेड़ सर्कल के अंतर्गत आने वाले नांदेड़, परभणी और हिंगोली ज़िलों में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। सुरक्षा कारणों से कई क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, नांदेड़ ज़िले के 19 गाँवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे करीब 12 से 13 हज़ार उपभोक्ता प्रभावित हैं। प्रभावित गाँवों में गनार, दगगांव, वैजापुर, गोलेगांव, बेरली, और देगलुर डिवीजन के अंतर्गत आने वाले वज़ीरगांव, कोहला, गडगा और नायगांव शामिल हैं। कई इलाकों में बिजली केंद्र पानी में डूब गए हैं, जबकि कहीं खंभे गिरने से लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कंधार से कुरुला तक की 33 केवी लाइनें बाढ़ के पानी में डूबी हुई हैं। वहीं, पठवडज सब-स्टेशन एक डीपी फ्रेम गिरने के कारण बंद करना पड़ा। हिंगोली ज़िले के कुरुंदकर, अम्बादास, सोनठाना और डोनवाडा जैसे कृषि क्षेत्र भी प्रभावित हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
महावितरण की टीमें लगातार काम कर रही हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि पानी उतरने के बाद ही बिजली बहाल करना संभव होगा।
मौसम विभाग का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि 27 से 30 सितंबर तक महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम के कारण यह स्थिति बनी है। मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विशेष रूप से 28 सितंबर को कोंकण और घाट क्षेत्रों में भारी बारिश और तूफान की आशंका जताई गई है।
विभाग ने संभावित बाढ़ और परिवहन बाधाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। विदर्भ और मराठवाड़ा में मध्यम वर्षा दर्ज की गई है, जबकि जालना में हल्की बारिश की संभावना है। मानसून की वापसी अब 5 अक्टूबर के बाद होने की संभावना जताई जा रही है।
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