लंदन के टेविस्टॉक स्क्वायर में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा से छेड़छाड़ की घटना सामने आई है, जिसके बाद भारत ने इसे “शर्मनाक कृत्य” बताते हुए कड़ी निंदा की है। गांधी जयंती से महज कुछ दिन पहले हुई इस घटना ने भारतीय समुदाय को आहत किया है। सोमवार (29 सितंबर) को प्रतिमा के चबूतरे पर आपत्तिजनक ग्रैफिटी देखी गई। यह प्रतिमा महात्मा गांधी को ध्यान मुद्रा में दर्शाती है और इसे 1968 में टेविस्टॉक स्क्वायर पर स्थापित किया गया था। प्रतिमा के आधार पर खुदा हुआ है: “महात्मा गांधी, 1869-1948।”
भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा, “लंदन स्थित टेविस्टॉक स्क्वायर में महात्मा गांधी की प्रतिमा से छेड़छाड़ की इस शर्मनाक घटना से हम गहराई से दुखी हैं और इसकी कड़ी निंदा करते हैं। यह सिर्फ वेंडलिज़्म नहीं, बल्कि अहिंसा के विचार और महात्मा की विरासत पर सीधा हमला है, वह भी अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस से तीन दिन पहले।”
@HCI_London is deeply saddened and strongly condemns the shameful act of vandalism of the statue of Mahatma Gandhi at Tavistock Square in London. This is not just vandalism, but a violent attack on the idea of nonviolence, three days before the international day of nonviolence,…
— India in the UK (@HCI_London) September 29, 2025
उच्चायोग ने बताया कि स्थानीय अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है और उनकी टीम मौके पर मौजूद रहकर प्रतिमा को उसकी मूल अवस्था में बहाल करने का प्रयास कर रही है।
गौरतलब है कि हर साल 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर यहां पुष्पांजलि अर्पित की जाती है और महात्मा गांधी के प्रिय भजनों का आयोजन होता है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस दिन को “अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस” के रूप में मान्यता दी है।
मेट्रोपॉलिटन पुलिस और कैम्डन काउंसिल ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। भारतीय समुदाय का कहना है कि यह घटना न केवल महात्मा गांधी की स्मृति को ठेस पहुंचाती है बल्कि भारत की उस विचारधारा पर भी हमला है, जो विश्व को अहिंसा का संदेश देती है।
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