उत्तर प्रदेश के संभल के राया बुजुर्ग गाँव में प्रशासन ने गुरुवार (2 अक्टूबर)को तालाब की जमीन पर बने अवैध स्थापनाओं के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया। सुबह साढ़े 11 बजे शुरू हुआ बुलडोजर अभियान करीब साढ़े 3 बजे तक चला, जिसमें करीब 4 घंटे में मैरिज हॉल को ध्वस्त कर दिया गया। घटना के दौरान लोगों ने कहा कि मैरिज हॉल के साथ लगी मस्जिद को भी तोड़ा गया, हालांकि उसका गेट नहीं तोड़ा गया और कुछ हिस्सों को ग्रामीणों ने डीएम की अनुमति मिलने के बाद खुद ही हटाना शुरू कर दिया।
तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह और संभल के DM डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि मैरिज हॉल लगभग 30 हजार वर्गफीट में बना था जबकि मस्जिद 550 वर्गफीट में है। प्रशासन का दावा है कि दोनों संरचनाएँ तालाब की जमीन पर अवैध रूप से बनाईं गई थीं और सर्वे में उनकी पहचान होने पर नोटिस जारी किए गए थे। तहसीलदार के अनुसार दोनों को करीब 10 साल पहले बनाया गया था और यह मामला सरकारी सर्वे में सामने आया था।
घटनास्थल पर भारी सुरक्षाबल तैनात था, DM राजेंद्र पेंसिया व SP कृष्ण विश्नोई उपस्थित थे तथा लगभग 200 पुलिसकर्मी और पीएसी जवान, साथ ही ड्रोन से निगरानी की जा रही थी। प्रशासन ने बताया कि पहले 13 सितंबर को मईरिज हॉल और मस्जिद पर लाल निशान लगाए गए थे और 2 सितंबर को तहसीलदार कोर्ट ने बेदखली का आदेश जारी किया था। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित पक्षों को 30 दिनों की मोहलत दी गई थी; बावजूद इसके विवादित संरचनाएँ नहीं हटाईं गईं, इसलिए सरकार को यह कदम उठाना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि मैरिज हॉल गांव के गरीब परिवारों के लिए महत्वपूर्ण था, “ये मैरिज हॉल 60-70 लाख की लागत से बना था। यहाँ पूरे गांव के गरीब परिवारों के बेटे-बेटियों की शादी होती थी। अब गरीब कहाँ शादी करेंगे?” एक निवासी ने कहा कि प्रशासन ने कहीं और जमीन देने का प्रस्ताव ठुकरा दिया। बुलडोजर कार्रवाई देखकर लोग रोते हुए मलबा हटाने आए और खाना-पीना भी बंद कर दिया गया। AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने इस कार्रवाई पर X पर टिप्पणी की और लिखा, “बुलडोजर से बहुत जुल्म किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन नहीं किया जा रहा।”
एसपी केके बिश्नोई ने कहा कि यह अवैध कब्जा था और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कार्रवाई की गई। SDM विकास चंद्र ने रिकॉर्ड बताए, गाटा संख्या 691 तालाब के नाम पर दर्ज है जबकि गाटा संख्या 459 पर मस्जिद बनी थी; तहसीलदार कोर्ट ने दोनों के खिलाफ बेदखली के आदेश दिए थे और मिंजार नाम के व्यक्ति की आपत्ति दस्तावेजों के अभाव में खारिज की गई।
प्रशासन ने बताया कि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जिले भर में जारी रहेगी। स्थानीय लोग और समुदायिक संगठनों की ओर से नाराज़गी जारी है और मामले की संवेदनशीलता के मद्देनज़र इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी बरती जा रही है।
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