जापान के इवाते प्रीफेक्चर के तटीय इलाकों में रविवार (9 नवंबर) को समुद्र के भीतर आए तेज झटकों के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। अमेरिकी भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.8 मापी गई। यह झटका स्थानीय समयानुसार शाम 5:03 बजे उत्तरी प्रशांत क्षेत्र में समुद्र के भीतर महसूस किया गया।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के हवाले से AFP ने बताया कि इवाते तट के लिए एक मीटर (करीब तीन फीट) तक ऊंची लहरों वाली सुनामी की संभावना जताई गई है। एजेंसी ने चेतावनी संदेश जारी करते हुए कहा, “इवाते तट के लिए सुनामी एडवायज़री जारी की गई है। लहरें किसी भी समय तट से टकरा सकती हैं, नागरिक तटीय क्षेत्रों से दूर रहें।” भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 6.6 मापी गई और इसका केंद्र समुद्र में करीब 30 किलोमीटर की गहराई पर 39.51°N और 143.38°E स्थान पर स्थित था।
जापान के राष्ट्रीय प्रसारक NHK ने जानकारी दी कि ऑफशोर इलाकों में कुछ स्थानों पर समुद्री लहरों की हल्की गतिविधि देखी गई है। चैनल ने चेतावनी दी कि लोग समुद्र या नदियों के मुहानों के पास न जाएं। हालांकि लाइव फुटेज में समुद्र सामान्य दिखाई दिया, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि, “दिखने में शांति का मतलब खतरा टलना नहीं है।”
उसी उत्तरी तटीय क्षेत्र में वर्ष 2011 में 9.0 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के बाद सुनामी आई थी, जिसमें लगभग 18,500 लोग मारे गए या लापता हुए थे। उसी आपदा ने फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में तीन रिएक्टरों के मेल्टडाउन को जन्म दिया था, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान की सबसे बड़ी त्रासदी और चेर्नोबिल के बाद दुनिया की सबसे गंभीर परमाणु दुर्घटना माना जाता है।
जापान चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के संगम पर स्थित है। इसी कारण यह प्रशांत महासागर की “रिंग ऑफ फायर” का केंद्र माना जाता है। यहां हर साल लगभग 1,500 भूकंप आते हैं, जिनमें से अधिकांश हल्के होते हैं, लेकिन समुद्र के नीचे गहराई और स्थान के आधार पर नुकसान बढ़ सकता है। अधिकारियों ने फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं की है, लेकिन इवाते और आसपास के तटीय जिलों में स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर है और लोगों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने की सलाह दी गई है।
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