मुंबई के ओशिवारा पुलिस चौकी से दो सहायक पुलिस निरीक्षक रमेश केंगार और सहायक पुलिस निरीक्षक गणेश गायके को बजरंग दल के संयोजक और हिंदू समाज के कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार के चलते निलंबित किया गया है। इनके साथ तीन अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी अभद्र व्यवहार करने के आरोप में प्रारंभिक जाँच चल रही है। पुलिस उपायुक्त (ज़ोन 9) दीक्षित गेदाम ने पुष्टि की है कि सभी अधिकारी ओशिवारा पुलिस स्टेशन से संबद्ध हैं।
दरअसल 4 नवंबर की शाम जोगेश्वरी पश्चिम के आनंद नगर स्थित बड़ी मस्जिद के पिछे गुप्ता किराना स्टोर्स के हिंदू परिवार पर कुछ मुसलमानों ने हमला कर दिया, जिसकी रिपोर्ट लिखवाने बजरंग दल के जिल्हा संयोजक शंकर उर्फ़ वृषभ दत्तू जाधव 10-15 हिंदू कार्यकर्ताओं के साथ ओशिवारा पुलिस चौकी आए। इसी बीच एक 11 वर्षीय नाबालिग हिंदू लड़की से लैंगिक छेड़छाड़ करने वाले मुहम्मद फिरोज नाम के मुस्लिम के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाने आए परिजनों को पाकर हिंदू तरुणों का आक्रोश बढ़ा, उन्होंने पुलिस से तुरंत कार्रवाई की मांग की। उसी दिन अन्य एक 19 वर्षीय हिंदू युवती से भी फिरोज ने अश्लीलता से बात करने की बात उजागर हुई है।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की मांग पर चौकी के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने कार्रवाई करने का समर्थन करते हुए ऐसा करने का आश्वासन दिया। कुछ समय बाद पुलिस चौकी से वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के जाते ही, सुबह की ड्यूटी पर तैनात सहायक पुलिस निरीक्षक गणेश गायके अचानक ड्यूटी पर आए। हिंदू कार्यकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने आते ही कार्यकरताओं से पूछताछ की, जिसका कार्यकर्तओं ने सौम्यता से जवाब दिया। गायके ने पुलिस ने बजरंग दल के जिल्हा संयोजक शंकर जाधव से चौकी अंदर चलकर रिपोर्ट लिखाने कहा, जिसके लिए कार्यकर्ता तैयार हुए। हालांकि अंदर जाते ही गणेश गायके ने 5 हिंदू कार्यकर्ताओं को धक्का देकर लाठी से मारपीट चालू की, साथ ही शंकर जाधव को जेल में बंद कर दिया। न्याय मांगने आए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के अनुसार, रमेश केन्गार, पुलिस उपनिरीक्षक बाबू तोटरे,पुलिस उपनिरीक्षक दीपक बर्वे, पुलिस सिपाही आजिम झारी यह भी इनकी मदद कर रहें थे।
View this post on Instagram
हिंदू कार्यकर्ताओं पर पुलिस कर्मचारियों द्वारा के हमले के बाद बड़ी संख्या में हिंदू इकठ्ठा हुए, जिसके बाद पुलिस उपयुक्त (DCP) दीक्षित गेडाम, सहायक पुलिस आयुक्त चौकी पर आए, जहां घटना की सीसीटीवी फुटेज देखकर उन्होंने भी पुलिस के अभद्र व्यवहार को माना। साथ ही उदंड पुलिस कर्मियों का निलंबन करने का आश्वासन दिया। जिसके चलते सकल हिंदू समाज ने पुलिस कर्मचारियों की अभद्रता पर मोर्चा निकालने के फैसले को रोक दिया।
View this post on Instagram
स्थानिक सूत्रों के अनुसार, ओशिवारा पुलिस चौकी की हद में आने वाले 6 से 7 गोवंश कत्तलखानों को हिंदू समाज के कार्यकरताओं के महत प्रयासों और दबाव के चलते पुलिस को बंद करवाना पड़ा, साथ ही इस क्षेत्र के ड्रग्स बेचने वालों पर भी शिकंजा कसना पड़ा, जिससे कुछ पुलिस कर्मियों की जेबे गरम करने वाले सकते में आ गए और उनकी जेबें ठंडी पड़ने लगी। इसीसे आहत इलाके के पुलिस चौकी में हिंदू समाज के कार्यकरताओं पर पूर्वाग्रह है, जो 4 नवंबर की शाम नज़र भी आया।
दौरान, गुप्ता किराना स्टोर्स चलाने वाले परिवार की एफआईआर लिखवाई गई है, और 11 वर्षीय नाबालिग हिंदू लड़की के साथ लैंगिक छेड़छाड़ करने के लिए आरोपी पर पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि जिस केस में पुलिस को स्वतःसंज्ञान लेना चाहिए था, उसके विपरीत रिपोर्ट दर्ज कराने आए कार्यकर्ताओं पर हमला करना वर्दी की साख पर सवाल खड़े करता है।
यह भी पढ़ें:
उद्धव ठाकरे-शरद पवार को झटका, आगामी बीएमसी चुनाव अकेले लड़ेगी कांग्रेस
मुंबई: धर्मेंद्र ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती, वेंटिलेटर सपोर्ट पर अभिनेता
राजस्थान, गुजरात और अरब सागर में संयुक्त अभियान, साथ आए युद्धपोत, ड्रोन व हजारों जवान



