देशभर में इंडिगो की उड़ानों में भारी देरी और सैकड़ों कैंसिलेशन के बीच नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने शुक्रवार(5 दिसंबर) को इस अव्यवस्था के पिछे की वजह बताया। उन्होंने इस संकट की जड़ की ओर इशारा कर बताया की यह एयरलाइन के क्रू प्रबंधन और आंतरिक योजना की बड़ी विफलता का नतीजा है। मंत्री ने बताया कि नई Flight Duty Time Limitation (FDTL) नियमावली लागू होने के बाद बाकी एयरलाइंस एयर इंडिया से लेकर स्पाइसजेट तक सभी ने अपनी संचालन व्यवस्था को समय रहते समायोजित कर लिया, लेकिन इंडिगो ने ऐसा नहीं किया।
नायडू ने ANI से बातचीत में कहा कि अव्यवस्था इतनी बढ़ गई कि मंत्रालय को एयरलाइन को अस्थायी राहत देनी पड़ी। इस राहत के तहत इंडिगो को नई FDTL नियमों के कुछ महत्वपूर्ण प्रावधान विशेषकर रात 12 बजे से सुबह 6:50 बजे तक की सेवाओं और पायलटों के रेस्ट-आवर से जुड़े नियम 10 फरवरी 2026 तक आंशिक रूप से स्थगित कर दिए गए हैं। इसी के साथ DGCA ने वह क्लॉज भी हटा दिया है जिसमें पायलट की छुट्टी को साप्ताहिक विश्राम का हिस्सा नहीं माना जाता था।
मंत्री ने कहा, “1 नवंबर से DGCA ने नए FDTL नियम लागू किए…बाकी एयरलाइंस ने इसे संभाल लिया, लेकिन इंडिगो में क्रू प्रबंधन को लेकर गंभीर चूक हुई है। यही मिसमैनेजमेंट इस स्थिति की वजह है।” उन्होंने बताया कि इंडिगो को नेटवर्क स्थिर करने के लिए यह राहत दी गई है ताकि संचालन सामान्य हो सके।
नायडू ने कहा कि, “…हमने एक समिति गठित की है जो इस सब की जाँच करेगी ताकि पता चल सके कि कहाँ गड़बड़ी हुई और किसने गड़बड़ी की। हम इस पर भी आवश्यक कार्रवाई करेंगे। इस मामले को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। हम इस पर सख्त कार्रवाई कर रहे हैं, ताकि जो भी इसके लिए ज़िम्मेदार हो, उसे इसकी कीमत चुकानी पड़े।” उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यात्रियों को राहत दिलाना और हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी कम करना है।
#WATCH | On IndiGo flight cancellations, Union Civil Aviation Minister, Ram Mohan Naidu Kinjarapu says, "…We have formed a committee which will inquire into all this so that they can establish where things went wrong and who did it wrong. We are going to take necessary action… pic.twitter.com/GAmv0NgnDR
— ANI (@ANI) December 6, 2025
मंत्री ने बताया कि शुरुआत में सरकार ने इंडिगो को दो दिनों में स्थिति सामान्य करने को कहा था। लेकिन देरी का सिलसिला जारी रहने पर मंत्रालय ने एयरलाइन को बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करने का निर्देश दिया ताकि एयरपोर्ट पर जाम जैसी स्थिति से राहत मिल सके। उन्होंने कहा, “जब देरी कम नहीं हुई, हमने उन्हें प्रमुख ऑपरेशन्स रद्द करने को कहा ताकि यात्रियों का असुविधा और भीड़भाड़ कम हो सके।”
शुक्रवार को एयरलाइन का फोकस बैकलॉग साफ करने पर रहा, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों को प्राथमिकता दी गई। मंत्री ने स्टाफ को यात्रियों के प्रति सहानुभूति और स्पष्ट संवाद बनाए रखने की नसीहत दी। नायडू का कहना है कि हालात अब सुधर रहे हैं और “कल से हवाई अड्डों पर भीड़ और लंबा इंतज़ार खत्म होने की उम्मीद है।”
नियामक DGCA ने भी संकट के लिए इंडिगो की गलत अनुमान और योजना में कमी को जिम्मेदार ठहराया है। केंद्र ने सभी एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि प्रभावित यात्रियों को समय पर रिफंड दिया जाए। हालाँकि, इंडिगो को दी गई राहत की ALPA (Airlines’ Pilots Association of India) ने आलोचना की है, यह कहते हुए कि इससे सुरक्षा पर खतरा पैदा हो सकता है और यह एक चिंताजनक उदाहरण स्थापित करता है।
इंडिगो का परिचालन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है, लेकिन हालिया संकट ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन की संचालन क्षमता और आंतरिक प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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