स्वित्ज़रलैंड के मशहूर क्रांस-मोंटाना में नए साल के जश्न के दौरान एक भीषण आग की घटना ने पूरे यूरोप को झकझोर दिया। यहां स्थित लोकप्रिय बार ले कॉन्स्टेलेशन (Le Constellation) में लगी आग में लगभग 40 लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 115 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्विस अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा 1 जनवरी तड़के करीब 1:30 बजे स्थानीय समय पर हुआ, जब बार में नए साल का जश्न मनाने के लिए भारी भीड़ मौजूद थी।
प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के अनुसार, आग किसी विस्फोटक या आतंकी गतिविधि के कारण नहीं, बल्कि एक दुर्घटनावश हुई घटना से भड़की। चश्मदीदों का कहना है कि एक वेट्रेस भीड़ के बीच से शैम्पेन की बोतल लेकर गुजर रही थी, जिस पर जन्मदिन की मोमबत्तियां जली हुई थीं। बार की छत अपेक्षाकृत नीची थी और उस पर लकड़ी के ज्वलनशील पैनल लगे हुए थे। जैसे ही मोमबत्तियों की लौ छत के बेहद करीब पहुंची, कुछ ही सेकंड में छत ने आग पकड़ ली।
विशेषज्ञों के अनुसार, इसके बाद बार के अंदर ‘फ्लैशओवर’ की स्थिति पैदा हो गई, जिसमें अत्यधिक गर्मी के कारण कमरे में मौजूद लगभग सभी ज्वलनशील वस्तुएं एक साथ आग पकड़ लेती हैं। इससे आग ने बेहद कम समय में पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ देखा गया कि कैसे बार का स्टाफ घनी भीड़ के बीच से गुजरते हुए जलती हुई बोतलें ऊपर उठाए चल रहा था, जो कई बार छत को छूने के बेहद करीब दिखीं। इससे पहले के प्रमोशनल वीडियो में भी ऐसी ही प्रथाओं को दिखाया गया था, जो अब सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
घटना से बच निकलने वाले दो फ्रांसीसी नागरिकों ने स्थानीय और फ्रांसीसी मीडिया को बताया कि बाहर निकलने के लिए जो रास्ता था वहां की स्तिथी बेहद अराजक थी। संकरे रास्ते और सीढ़ियां कुछ ही पलों में जाम हो गईं, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बीबीसी न्यूज़ के हवाले से कहा, “कुछ ही सेकंड में पूरी छत आग की चपेट में थी। सब कुछ लकड़ी का बना था।”
शुरुआत में आग के साथ किसी विस्फोट की आशंका जताई गई थी, लेकिन अधिकारियों ने इसे खारिज कर दिया। क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी स्टेफान गैंजर ने स्पष्ट किया कि कोई विस्फोटक उपकरण शामिल नहीं था। उनके मुताबिक, आग की तीव्रता और भीतर जमा हुई गर्म गैसों के कारण विस्फोट जैसा प्रभाव पैदा हुआ, जिससे पूरे बार में भीषण अग्निकांड फैल गया।
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