महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले शहरी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने मजबूत शुरुआती बढ़त बना ली है। अब तक राज्यभर में 68 सीटें निर्विरोध जीत ली गई हैं, जिससे स्थानीय निकायों में महायुति की पकड़ स्पष्ट होती दिख रही है। महायुति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) शामिल हैं।
भाजपा नेता केशव उपाध्ये ने शुक्रवार (2 जनवरी) को इन निर्विरोध जीतों की जानकारी देते हुए इसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला कदम बताया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 68 निर्विरोध सीटों में से 44 भाजपा ने जीती हैं, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) को 22 सीटें मिली हैं और अजित पवार की एनसीपी के खाते में 2 सीटें आई हैं। कुल मिलाकर, 66 सीटें भाजपा–शिवसेना गठबंधन और 2 सीटें एनसीपी ने हासिल की हैं।
भाजपाचा धडाका कायम, भाजपा व महायुतीचे ६८ नगरसेवक बिनविरोध..
भाजपाचा विक्रम, महापालिकेतही भाजपाचे सर्वाधिक बिनविरोध नगरसेवक.सध्या सुरु असलेल्या महापालिका निवडणूकीत भाजपाचे ८ महापालिकांमध्ये ४४ नगर सेवक बिनविरोध निवडून आले असून सर्वाधिक नगरसेवक कल्याण डोम्बिवली महापालिकेत…
— Keshav Upadhye (@keshavupadhye) January 2, 2026
नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विपक्षी दलों के उम्मीदवारों के कई वार्डों में पीछे हटने से ये सीटें निर्विरोध घोषित हुईं। राज्य की 29 नगर निगमों में मतदान शुरू होने से पहले ही महायुति उम्मीदवारों ने कई स्थानों पर बढ़त बना ली है।
भाजपा की 44 निर्विरोध जीतों में सबसे अधिक 15 सीटें ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली नगर निगम से आई हैं। इसके अलावा भाजपा को भिवंडी, जलगांव और पनवेल नगर निगमों से छह-छह सीटें, धुले से चार सीटें, अहिल्यानगर से तीन सीटें और पुणे तथा पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगमों से दो-दो सीटें निर्विरोध मिली हैं। शिवसेना के 22 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं, जबकि एनसीपी के दो उम्मीदवारों ने बिना मुकाबले जीत दर्ज की है।
हालांकि, इन घटनाक्रमों के बीच महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने निर्विरोध जीतों को लेकर रिपोर्ट तलब की है। एसईसी के एक अधिकारी ने द हिंदू से कहा, “हमने सभी स्थानीय निकायों से रिपोर्ट मांगी है। यह एक नियमित प्रक्रिया है, जब नामांकन वापस लिए जाते हैं और केवल एक उम्मीदवार शेष रहता है।” आयोग यह भी जांच करेगा कि कहीं नामांकन वापसी दबाव, प्रलोभन या किसी अन्य अनुचित कारण से तो नहीं हुई।
इससे पहले, महायुति ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों के लिए सीट-बंटवारे को अंतिम रूप दिया था। समझौते के तहत भाजपा 137 सीटों पर और शिवसेना 90 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। चुनाव अधिकारियों के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, 227 वार्डों वाली बीएमसी में जांच और नामांकन वापसी के बाद 1,700 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं। कुल 2,231 नामांकन वैध पाए गए, 167 खारिज हुए और 453 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए।
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