अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेज़ुएला की अंतरिम सरकार संयुक्त राज्य अमेरिका को 3 से 5 करोड़ बैरल उच्च गुणवत्ता वाला, प्रतिबंधित कच्चा तेल सौंपेगी। यह तेल बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा और उससे प्राप्त होने वाली राशि का नियंत्रण ट्रंप के पास रहेगा। ट्रंप के मुताबिक, इस धन का इस्तेमाल अमेरिका और वेनेज़ुएला दोनों देशों के लोगों के लाभ के लिए किया जाएगा।
ट्रंप ने यह घोषणा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर की। उन्होंने लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल हाई क्वालिटी, मंज़ूर तेल सौंपेगी। यह तेल मार्केट प्राइस पर बेचा जाएगा, और उस पैसे को मैं, यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका के प्रेसिडेंट के तौर पर, कंट्रोल करूँगा, ताकि यह पक्का हो सके कि इसका इस्तेमाल वेनेजुएला और अमेरिका के लोगों के फायदे के लिए किया जाए!”
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वेनेज़ुएला के इस कच्चे तेल की कीमत करीब 55 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल बताई जा रही है। इस आधार पर कुल तेल का बाजार मूल्य लगभग 1.65 अरब डॉलर से लेकर 2.75 अरब डॉलर तक आंका गया है। ट्रंप की घोषणा के बाद अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमतों में भी असर देखा गया और दाम करीब 1 डॉलर प्रति बैरल गिरकर 56 डॉलर के आसपास पहुंच गए।
वेनेज़ुएला के अधिकारियों ने दावा किया कि निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए की गई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान कम से कम 72 सुरक्षा कर्मियों की मौत हो गई। बताया गया है कि मादुरो को हिरासत में लेकर न्यूयॉर्क ले जाया गया है, जहां उन पर मादक पदार्थों से जुड़े मामलों के मुकदमे दाग़े गए है।
बता दें की, अमेरिका प्रतिदिन लगभग 2 करोड़ बैरल तेल और संबंधित उत्पादों की खपत करता है, जिसका अर्थ है कि अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, वेनेजुएला से भेजा गया तेल अमेरिका की लगभग ढाई दिन की आपूर्ति के बराबर होगा। दुनिया के सबसे बड़े सिद्ध कच्चे तेल भंडार होने के बावजूद, वेनेजुएला वर्तमान में प्रतिदिन केवल लगभग एक मिलियन बैरल का उत्पादन करता है, जो अक्टूबर में दर्ज किए गए 13.9 मिलियन बैरल के अमेरिकी औसत दैनिक उत्पादन से काफी कम है।
इसके अलावा, व्हाइट हाउस शुक्रवार(9 जनवरी) को वेनेजुएला के संबंध में तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ ओवल ऑफिस में एक बैठक आयोजित कर रहा है, जिसमें एक्सॉन, शेवरॉन और कॉनोकोफिलिप्स के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।
शनिवार (3 जनवरी) को अमेरिका द्वारा वेनेज़ुएला के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की गई, जिसमें मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को देश से बाहर ले जाया गया। मादुरो की गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेज़ुएला के जर्जर तेल ढांचे को दुरुस्त करने के लिए अरबों डॉलर खर्च करेंगी और इससे दक्षिण अमेरिकी देश को राजस्व मिलेगा। गौरतलब है कि वर्ष 2020 में निकोलस मादुरो पर अमेरिका में नशीले पदार्थों की तस्करी और नार्को-टेररिज्म से जुड़े आरोप लगाए गए थे।
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