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Saturday, July 18, 2026
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पीएम मोदी के अफ्रीका दौरे के बाद भारत-इथोपिया के संबंध मजबूत हुए

दोनों देश एक-दूसरे को व्यापक क्षेत्रों (भारत अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र की ओर और इथोपिया हिंद महासागर और एशियाई बाजारों की ओर) को प्रवेश द्वार के रूप में देखते हैं।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिसंबर 2025 में यात्रा के बाद भारत और इथोपिया के बीच संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं। इससे दोनों देशों के बीच अगले दशक में उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में रोडमैप तैयार हुआ है। यह जानकारी विदेशी मीडिया की एक रिपोर्ट में दी गई।

टाइम्स ऑफ ओमान के एक आर्टिकल के अनुसार, पिछले कई दशकों में, भारत-इथोपिया व्यापार संबंध एक बहुआयामी साझेदारी में विकसित हुए हैं, जो मजबूत माल व्यापार, इथोपियाई उद्योग और बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण भारतीय निवेश और दक्षिण-दक्षिण एकजुटता द्वारा रेखांकित एक मजबूत विकास सहयोग ढांचे को जोड़ता है।

दोनों देश एक-दूसरे को व्यापक क्षेत्रों (भारत अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र की ओर और इथोपिया हिंद महासागर और एशियाई बाजारों की ओर) को प्रवेश द्वार के रूप में देखते हैं। यह भारत-इथोपिया के व्यापारिक संबंधों को एक रणनीतिक आयाम प्रदान करता है।

भारतीय आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों में कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 550.19 मिलियन अमेरिकी डॉलर था, जिसमें भारत ने 476.81 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य का सामान निर्यात किया और इथोपिया से 73.38 मिलियन अमेरिकी डॉलर का सामान आयात किया। ये आंकड़े इथोपियाई बाजार में भारत की मजबूत उपस्थिति और भारत को इथोपिया के निर्यात में वृद्धि की संभावना को उजागर करते हैं।

भारत के प्रमुख निर्यात मदों में फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उत्पाद, लोहा और इस्पात, मशीनरी और परिवहन उपकरण, वाहन और ऑटो पुर्जे, विद्युत और इंजीनियरिंग सामान, रसायन, प्लास्टिक और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स शामिल हैं। यह आंकड़े इथियोपिया की अर्थव्यवस्था को आवश्यक औद्योगिक और उपभोक्ता वस्तुओं के प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की भूमिका की पुष्टि करते हैं।

दूसरी तरफ इथोपिया से भारत दालें, तिलहन, मसाले, चमड़ा और चमड़े के उत्पाद, अलसी का धागा और चुनिंदा खनिज या अर्ध-कीमती पत्थरों का आयात करता है।

व्यापार के अलावा, भारत इथियोपिया में सबसे महत्वपूर्ण विदेशी निवेशकों में से एक के रूप में उभरा है। विभिन्न आकलन बताते हैं कि भारतीय कंपनियां शीर्ष तीन विदेशी निवेशकों में शुमार हैं, जिनके स्वीकृत निवेश का मूल्य लगभग 5 अरब अमेरिकी डॉलर है।

आर्टिकल में बताया गया है कि इथियोपिया भारतीय लाइन ऑफ क्रेडिट प्राप्त करने वाले सबसे बड़े अफ्रीकी देशों में से एक है, जिसे 1 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की स्वीकृत ऋण लाइनें मिली हैं। इन ऋणों का उपयोग चीनी उत्पादन, बिजली ट्रांसमिशन, रेलवे और औद्योगिक अवसंरचना जैसी रणनीतिक परियोजनाओं की फंडिंग में किया गया है।

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