असम की राजनीति में रविवार (11 जनवरी) ऑल असम माइनॉरिटीज़ स्टूडेंट्स यूनियन (AAMSU) के पूर्व अध्यक्ष रेजाउल करीम सरकर कांग्रेस में शामिल होते ही मंच से एक आपत्तिजनक बयान बयान के चलते विवाद खड़ा हुआ। 11 जनवरी (रविवार) को गुवाहाटी के मानबेंद्र शर्मा कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में रेजाउल ने असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता लेते हुए कहा की वह शिवसागर को ‘धुबरी जैसा’ बनाएँगे, जिससे सीएम सरमा ने निशाना पर लेते हुए कहा की यह मियां लैंड बनाने की साजिश है ।
मानबेंद्र शर्मा कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में रेजाउल करीम सरकर ने कहा, “हम शिवसागर को धुबरी जैसा बनाएंगे, धुबरी को शिवसागर जैसा बनाएंगे, बराक (दक्षिण असम के जिले) को शिवसागर जैसा बनाएंगे और तिनसुकिया को धुबरी में बदल देंगे। हम गौरव गोगोई के नेतृत्व में ऐसा असम बनाने जा रहे हैं।” इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। गौरव गोगोई ने इस कथन का बचाव करते हुए इसे ‘बोर असम’ (ग्रेटर असम) की अवधारणा से जोड़कर दिखाया।
"Will make Sivasagar next Dhubri”: this is the dangerous narrative now being pushed.
After joining the Congress, former AAMSU president Rezaul Karim Sarkar has made this outrageous statement, openly exposing their real agenda. They first dreamt of carving out a “Miya state” in… pic.twitter.com/WF9hUKfgpw
— Ron Bikash Gaurav (@RonBikashGaurav) January 11, 2026
हालांकि इस मुद्दे पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस और विशेष रूप से जोरहाट से सांसद गौरव गोगोई पर कड़ा हमला बोला। सरमा ने कहा कि शिवसागर जोरहाट लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, इसके बावजूद गोगोई ने अपने नए पार्टी सदस्य के बयान के खिलाफ आवाज़ उठाने के बजाय चुप्पी साधे रखी। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीर और खतरनाक संकेत बताया।
सीएम सरमा ने आरोप लगाया कि यह बयान कांग्रेस की उस मंशा को दर्शाता है, जिसके तहत बांग्लादेशी घुसपैठियों को शिवसागर और तिनसुकिया जैसे इलाकों में बसाने और उन्हें “मिया लैंड” में बदलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि यदि कांग्रेस सत्ता में लौटती है तो बांग्लादेशी मूल के मिया मुसलमान असम को लूट लेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आज कांग्रेस के एक जॉइनिंग प्रोग्राम में उन्होंने कहा कि वे शिवसागर और तिनसुकिया को धुबरी बना देंगे। कभी धुबरी में कोच राजबोंगशी और अन्य जनजातियां रहती थीं, लेकिन बांग्लादेशी लोगों की घुसपैठ ने धुबरी को ऐसा जिला बना दिया है, जहां आज 80 या 85 प्रतिशत लोग बांग्लादेशी मूल के हैं। वहां हिंदू अल्पसंख्यक बन गए हैं।”
उन्होंने कड़े शब्दों में यह भी जोड़ा, “अगर किसी ने मेरे सामने ऐसा बयान दिया होता, तो मैं उसे धक्का देकर बाहर निकाल देता।”
आज कांग्रेस के मंच से उनके एक नेता ने कहा कि असम की संस्कृति के केंद्रबिंदुओं को “मिया और घुसपैठियों” से भर दिया जाएगा। यह बात उनके अध्यक्ष के सामने कही गई और उनकी चुप्पी ने यह प्रमाणित कर दिया कि यह कांग्रेसी एजेंडा है। pic.twitter.com/NsYo4zL2fT
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) January 11, 2026
इस विवाद पर राइजर दल के प्रमुख और शिवसागर से विधायक अखिल गोगोई ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि समाजिक या राजनीतिक तनाव भड़काने की किसी भी जानबूझकर की गई कोशिश का कड़ा और निर्णायक विरोध किया जाएगा।
रेजाउल करीम सरकार की कांग्रेस में एंट्री और उनके बयान ने असम में पहले से संवेदनशील जनसांख्यिकीय, पहचान और घुसपैठ से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। मामले ने राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है, जबकि कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं।
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