भारत अपनी वायु प्रहार क्षमता को मजबूत करने के लिए इज़राइली रक्षा कंपनी राफेल की 1,000 SPICE (स्मार्ट, प्रिसिशन इम्पैक्ट, कॉस्ट-इफेक्टिव) एयर-टू-सरफेस मिसाइलों की खरीद की तैयारी कर रहा है। जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रस्तावित अधिग्रहण क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और हालिया सैन्य अनुभवों के मद्देनज़र सटीक हथियारों पर नई दिल्ली के बढ़ते फोकस को दर्शाता है।
SPICE मिसाइल परिवार की खासियत इसकी स्वायत्त नेविगेशन और होमिंग क्षमता है, जो जीपीएस पर निर्भर नहीं रहती। इसमें इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल होमिंग हेड और उन्नत गणितीय एल्गोरिदम का उपयोग होता है, जो वास्तविक समय की तस्वीरों को पहले से लोड किए गए लक्ष्य डेटा से मिलाकर तीन मीटर से भी कम की त्रुटि सीमा (CEP) के साथ लक्ष्य को भेदने में सक्षम बनाता है। यह क्षमता इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग वाले वातावरण में भी सटीकता दिलाती है।
मई 2025 में पाकिस्तान के साथ हुए सैन्य तनावों में भारत की लंबी दूरी की प्रिसिशन-गाइडेड म्यूनिशन की आवश्यकता को रेखांकित किया। इसी संदर्भ में नवंबर की शुरुआत में इज़राइल के रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) अमीर बाराम और उनके भारतीय समकक्ष राजेश कुमार सिंह के बीच सुरक्षा सहयोग को गहरा करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे।
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के आंकड़ों के अनुसार, 2020 से 2024 के बीच इज़राइली रक्षा निर्यात में भारत की हिस्सेदारी लगभग 34 प्रतिशत रही, जिससे भारत इज़राइल का सबसे बड़ा रक्षा संसाधनों का ग्राहक बना है। यह साझेदारी तकनीक हस्तांतरण और संयुक्त विकास परियोजनाओं पर आधारित होनी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में भारतीय रक्षा मंत्रालय के एक प्रतिनिधिमंडल ने इज़राइल का गोपनीय दौरा भी किया, जहां इज़राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज़ (IAI) की Air LORA बैलिस्टिक मिसाइल और राफेल की Ice Breaker क्रूज़ मिसाइल के अधिग्रहण पर बातचीत हुई। इन सौदों में भारत में स्थानीय उत्पादन की शर्तें शामिल रहने की संभावना है।
Air LORA लगभग 400 किलोमीटर की रेंज के साथ स्टैंड-ऑफ स्ट्राइक क्षमता प्रदान करती है, जिससे भारतीय लड़ाकू विमान दुश्मन की वायु रक्षा की पहुंच से बाहर रहकर लक्ष्य साध सकते हैं। वहीं, Ice Breaker क्रूज़ मिसाइल ज़मीन से लेकर समंदर तक लक्ष्यों पर 300 किलोमीटर तक सटीक वार करने में सक्षम है।
SPICE मिसाइलों की यह नई खेप भारतीय वायुसेना के Su-30MKI और तेजस जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ सहज एकीकरण में मदद करेगी। इससे पहले भारत SPICE-2000 और SPICE-1000 मिसाइलों का उपयोग कर चुका है, जिन्हें अभ्यासों और अभियानों में परखा जा चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अधिग्रहण न केवल भारत की सटीक प्रहार क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि पाकिस्तान और चीन दोनों मोर्चों पर निवारक संतुलन को भी मजबूत करेगा।
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