न्यूज़ीलैंड के खिलाफ चल रही तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज के पहले दो मुकाबलों में प्रसिद्ध कृष्णा को खेलने का मौका मिला। तीसरे और अंतिम मैच में उन्हें आराम दिया गया और उनकी जगह अर्शदीप सिंह को टीम में शामिल किया गया।
वडोदरा में खेले गए पहले मैच में प्रसिद्ध ने दो विकेट लिए और 60 रन दिए। इस मैच को भारत ने जीता था। वहीं राजकोट में हुए दूसरे मैच में उन्होंने एक विकेट लिया, लेकिन 49 रन खर्च किए। यह मैच भारत सात विकेट से हार गया।
अपने करियर के बारे में बात करते हुए प्रसिद्ध ने तीसरे वनडे मैच की शुरुआत से पहले कहा कि शुरुआत में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बाद चोटों के कारण उनका करियर कुछ समय के लिए रुक गया।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है जब मैं आया तो मैंने काफी अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन उसके बाद चोट के कारण मुझे समय लगा। जब मैंने वापसी की, तब तक खेल के नियम काफी बदल चुके थे। पावरप्ले के नियम, दूसरी नई गेंद और अन्य बदलाव आए थे। मेरा सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन मैं खुद को बेहतर खिलाड़ी के रूप में देख पा रहा हूं।”
अपने अल्पकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्य पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह अपने खेल में लगातार बेहतर बनना चाहते हैं। उनका फोकस निरंतरता पर है, ताकि वह हर मैच में अच्छा प्रदर्शन कर सकें।
उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा मैच जिताएं और हर विरोधी टीम को कड़ी चुनौती दूं। हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह आईसीसी टूर्नामेंट में जाकर ट्रॉफी जीते।”
आमतौर पर नई गेंद से गेंदबाजी करने वाले प्रसिद्ध कृष्णा को अब सफेद गेंद क्रिकेट में बीच के ओवरों में गेंदबाजी की जिम्मेदारी दी जा रही है। इस पर उन्होंने कहा कि जब भी मैं गेंदबाजी करने आता हूं, तो पावरप्ले खत्म होने वाला होता है।
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